भर्ती नियमों में विसंगति, आवेदक संशय में

भोपाल, १७ सितंबर। संविदा शिक्षक परीक्षा के भर्ती नियमों को लेकर परीक्षार्थी संशय की स्थिति में है। प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) ने वर्ग एक के पदों के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है, लेकिन बीएड व डीएड करने वाले अंतिम वर्ष के छात्रों को इस परीक्षा में शामिल नहीं किया जाएगा। भर्ती नियमों में इस विसंगति के कारण प्रदेश के हजारों आवेदक संशय में हैं।
पीईबी ने जो रूल बुक जारी की है, उसके पेज नंबर 10 के पैरा नंबर 22 में लिखा हुआ है कि आवेदक के पास न्यूनतम शैक्षणिक अहर्ताएं आवेदन भरने की तिथि को अनिवार्य रूप से पूर्ण होनी चाहिए। जबकि, केंद्रीय स्कूलों के लिए आयोजित होने वाली शिक्षक भर्ती परीक्षा के बीएड व डीएड के अंतिम वर्ष के छात्रों को परीक्षा में शामिल होने मौका दिया जाता है। लिहाजा, प्रदेश के करीब 45 हजार ऐसे छात्र जो वर्तमान में बीएड-डीएड के अंतिम वर्ष में हैं, वे इस परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
सूत्रों की माने तो संविदा भर्ती परीक्षा 2011 में बीएड-डीएड करने वाले अंतिम वर्ष के अभ्यर्थियों को इस परीक्षा में शामिल किया गया था। इधर, 7 साल से इस भर्ती परीक्षा का इंतजार कर रहे छात्रों में असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई है। विज्ञापन में जनवरी 2018 की जगह जनवरी 2019 को आधार वर्ष माना गया है। इस कारण हजारों आवेदक परीक्षा के लिए आवेदन करें या ना करें यही समझ में नहीं आ रहा है। विज्ञापन में सामान्य वर्ग के 40 साल के आवेदकों को भी मान्य किया गया है। यह आयु जनवरी 2019 तक 40 वर्ष होना चाहिए। लिहाजा, ऐसे कई आवेदक भी परीक्षा में शामिल नहीं हो पाएंगे जो दिसंबर 2019 में 40 वर्ष के हो जाएंगे। दोनों को मिलाकर देखा जाए तो करीब 45 से 50 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी आवेदन नहीं कर सकेंगे। बता दें कि इस भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर तय की गई है।
इस संबंध में पीईबी के परीक्षा नियंत्रक एसकेएस भदौरिया का कहना है कि पीईबी की जितनी भी परीक्षाएं होती हैं, हम उसमें इसी तरह का नियम रखते हैं। परीक्षा से पहले परीक्षार्थियों का कोर्स पूरा होना चाहिए। चाहे वह कोई भी परीक्षा हो। पुरानी परीक्षाओं के संबंध में मैं कुछ नहीं कहूंगा। मैं उस समय यहां नहीं था।