बाधा उत्पन्न करने वाले मु_ीभर लोग, समझाईश से नहीं सुधरे तो एनएसए प्रकरण भी तैयार: कलेक्टर

आरती शर्मा
भोपाल, 21 सितम्बर। ग्वालियर में सपाक्स-अजाक्स के जातीय संघर्ष के दौर में ताजिया तो कहीं गणेश विसर्जन जैसे धार्मिक उन्मादों से भरे माहौल में जिले के कलेक्टर अशोक वर्मा और पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने पूरे जिले को हाई अलर्ट कर दिया है। अजाक्स-सपाक्स की संभाग में सक्रियता को देखते हुए जिले में धारा-144 लगाई गई है, जिसे चुनाव तक बरकरार रखा जाएगा, यह कहना है कलेक्टर अशोक वर्मा का। कलेक्टर वर्मा के प्रशासनिक चातुर्य और सूझबूझ से जिले में शांतिपूर्वक सभी कार्य निर्विघ्न पूर्ण होते जा रहे हैं, प्रस्तुत है राष्ट्रीय हिंदी मेल के प्रतिनिधि से उनकी बातचीत के कुछ अंश:
कलेक्टर अशोक वर्मा, जिला ग्वालियर
जिले में जातीय संघर्ष चरम पर है, उससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रशासन के प्रयास काफी है क्या?
-जिले में शांति व्याप्त है। शांतिपूर्वक ताजिए के जुलूस निकाले जा रहे हैं। गणेश विसर्जन के लिए प्रशासन की ओर से करीब 50 बड़ी पानी की टंकियों वाली गाडिय़ों की व्यवस्था की गई है। ये गाडिय़ां घर-घर से गणेशजी की मूर्तियां लेकर उनका एक_ा विसर्जन कर देंगी। जिले में धार्मिक उन्माद और जातिय संघर्षों को बढ़ाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
सपाक्स-अजाक्स आपके क्षेत्र में काफी सक्रिय है, उनसे निपटने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?
देखिए, आम जनता को इस बातों से ज्यादा मतलब नहीं होता। संगठन के अलग-अलग लोगों से बातें की जा रही है। ऐसे लोगों की काउंसलिंग की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि करीब 10 फीसदी लोग ही ऐसे होते है, जो इन मामलों को बढ़ाते हैं। उनमें भी 5 फीसदी ही ऐसे होते हैं, जो न्यूसेंस क्रिएट करते हैं। बाधा उत्पन्न करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। यदि नहीं माने तो एनएसए के प्रकरण भी तैयार है। जिले में धारा 144 लागू है, जिसे जरूरत पड़ी तो चुनाव तक बरकरार रखा जाएगा।
चुनाव सिर पर है, ऐसे में जिले में धारा-144 के लगे रहने से राजनीतिक पार्टियां विरोध नहीं कर रही?
जब जिले में ऐसी स्थिति हो तो राजनीतिक पार्टियों के लोग भी समझते हैं। राजनीतिक पार्टियों को चुनावी सभा की अनुमति प्रदान की जा रही है।