छत्तीसगढ़ में त्रिकोणीय संघर्ष, डॉ. रमन सिंह अव्वल

डॉ. रमन 47, भूपेश बघेल 33, अजीत जोगी 8 और अन्य को 2 सीटें मिलने की संभावना

राजनीतिक विश्लेषण: छत्तीसगढ़

विजय कुमार दास

छत्तीसगढ़ राज्य में 2018 विधानसभा चुनाव के महाभारत के लिए जिन 3 प्रमुख राजनीतिक दलों ने दावेदारी ठोंकी है, उसमें उनकी पार्टी से ज्यादा नेताओं के चेहरे पर दांव लगाकर संग्राम लड़ा जाएगा। भारतीय जनता पार्टी ने अपना चेहरा चौथी बार भी डॉ. रमन सिंह को ही चुना है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने अघोषित रूप से प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेश बघेल को पार्टी का चेहरा चुन लिया है। रहा सवाल तीसरे चेहरे का, जिसे हम यहां पर छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री रह चुके अजीत प्रमोद कुमार जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को अलग नहीं कर सकते, क्योंकि जब से लखनऊ जाकर अजीत जोगी ने बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो सुश्री मायावती से मिलकर अपनी पार्टी के गठबंधन का ऐलान किया है, छत्तीसगढ़ में राजनीतिक रूप से दो बातें स्पष्ट हो गई हैं। पहली तो यह कि अब छत्तीसगढ़ की राजनीति को 2018 विधानसभा चुनाव तथा 2019 लोकसभा चुनाव दोनों में त्रिकोणीय संघर्ष से कोई बचा नहीं पाएगा। और तो और त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति का आभास 6 महीने पहले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को उसी समय हो गया था, जिस दिन अजीत जोगी ने राजनांदगांव जाकर यह ऐलान किया कि वे राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे। राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने जोगी की घोषणा के ठीक दूसरे दिन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से मुलाकात की और यह पूछा कि जोगी की घोषणा का पूरे छत्तीसगढ़ में भाजपा के सत्ता समीकरण पर क्या प्रभाव पड़ेगा, इस सवाल के जवाब में डॉ. रमन सिंह ने दो-टूक शब्दों में स्पष्ट किया था कि छत्तीसगढ़ में त्रिकोणीय संघर्ष होगा और सरकार चौथी बार भी भाजपा की ही बनेगी। डॉ. रमन सिंह की बात यह तो सच निकली कि त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति छत्तीसगढ़ में निर्मित हो गई, लेकिन जब राष्ट्रीय हिन्दी मेल ने जोगी की पार्टी और मायावती की पार्टी के गठबंधन के ऐलान के बाद राजनीतिक खोज-परख का गंभीरता से ऑकलन किया तो यह संभावना स्पष्ट हो गई है कि अब छत्तीसगढ़ में त्रिकोणीय संघर्ष तो होगा, लेकिन फायदे में डॉ. रमन सिंह होंगे। एक ऑकलन के अनुसार बस्तर और अंबिकापुर संभाग में भाजपा की बढ़त से यह कहा जा सकता है कि डॉ. रमन सिंह की पार्टी यदि आज चुनाव होते हैं तो 47 विधानसभा क्षेत्रों पर विजय हासिल करके स्पष्ट बहुमत से अपनी सरकार बना सकती है, जबकि दूसरी ओर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल की कड़ी मेहनत कांग्रेस को सत्ता में लाने की स्थिति में नहीं पहुंची है क्योंकि जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ और बहुजन समाज पार्टी का छत्तीसगढ़ राज्य में गठबंधन यदि जोगी को 8 सीटों पर विजय दिलाने की स्थिति में है तो कांग्रेस की 8-10 सीटों पर दलित-आदिवासी बहुल इलाके में नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसलिए आज की स्थिति में भारतीय जनता पार्टी के पोस्टर ब्वाय डॉ. रमन सिंह नंबर-1 पर हैं और 47 सीटों पर उनकी अगुवाई में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहेगा तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के नेतृत्व में यदि बहुत बड़ा ज्वार-भाटा खड़ा नहीं हुआ तो 33 सीटों पर कांग्रेस जीत हासिल कर सकेगी, ऐसा कहा जा सकता है। रहा सवाल अजीत प्रमोद कुमार जोगी की पार्टी जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ का तो नए गठबंधन से 8 विधानसभा सीटों में उनकी जीत की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता जबकि 2 विधानसभा क्षेत्र ऐसे होंगे, जहां बड़ दलों के बागी या निर्दलीय उम्मीदवारों को मौका मिलेगा।