दुग्ध संघ ने जारी किया कम दूध खरीदने का फरमान

प्रशासनिक संवाददाता
भोपाल,१२ अक्टूबर। सहकारी दुग्ध संघ ने दूध की आवक बढ़ाने का फरमान जारी कर दिया आवक बढ़ते ही दूध खरीदने में पसीना छूट रहा है। बीते साल दूध खरीदी के लिए २५ सौ नए केंद्र खुलवाए इसके बावजूद आवक नहीं बढ़ी तो आठ अधिकारियों पर कार्यवाही कर दी गई। किसानों से खरीदा गये दूध से मक्खन बनाने में अधिक खर्च आने से संघ के तुकलगी फरमान की हवा निकलते नजर आ रही है।
भोपाल सहकारी दुग्ध संघ ने यह फरमान शीत केंद्र प्रबंधक व दूध की खरीदी करने वाली समिति प्रबंधकों को दिए हैं। इसके बाद से किसानों में असंतोष बढ़ गया है और समितियों की हालत खराब होने लगी है। गौरतलब है कि यह वही दुग्ध संघ है, जिसमें दूध की कमी को पूरा करने डेढ़ साल पहले पशु पालन विभाग के तत्कालीन प्रमुख सचिव अश्विनी राय ने २५०० नए केंद्र खुलवाए और विरोध से बचने के लिए असदस्य किसानों का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। महाप्रबंधक क्षेत्र संचालक द्वारा २७ सितंबर को नोटिस जारी कर सीईओ द्वारा अप्रसन्नता जाहिर करने का जिक्र करते हुए उल्लेख किया गया कि पूर्व में समितियों को असदस्य किसानों से दूध खरीदी करने से मना किया था। इसके बावजूद भी खरीदा जा रहा है। इसके कारण भोपाल, नरसिंहगढ,़ राजगढ़ ,पचोर, जीरापुर, लटेरी, शुजालपुर, ग्यारसपुर, मुलताई, हरदा, एवं गुना शीत केंद्रों पर ३ से लेकर १५.८ फीसदी तक आवक बढ़ी है।
भोपाल संघ के पास हर दिन ४ लाख ५५ हजार लीटर दूध की आवक हो रही है। जबकि रोज की खपत ३ लाख ६० हजार लीटर ही है। इस तरह प्रदेश के सभी दुग्ध संघों के पास दूध की रोजाना आवक ११ लाख २५ हजार लीटर से अधिक है वहीं खपत केवल ८ लाख ५० हजार लीटर है। बाकी के दूध का ग्वालियर व इंदौर में मक्खन व पाउडर बनवाना पड़ रहा है। जो नियम विरुद्ध खुलवाए गए केंद्रों पर खरीदे गए दूध से पूर्व में बनाया गया करोड़ों रुपए का मक्खन व पाउडर का स्टाक पहले से ही करोड़ों का नुकसान हो चुका है।
वर्ष २०१७ में २५०० केंद्र खुलवाए इनमें लाखों के उपकरण लगा दिए गए। वहीं मार्च २०१७ में आवक नहीं बढ़ा पाने वाले आठ अधिकारियों को निलंबित कर मार्च २०१८ तक इन केंद्रों से रोजाना ४ करोड़ लीटर दूध खरीदने से भोपाल समेत दूसरे संघों की स्थिति बिगड़ती गई। करोड़ों खर्च कर दूध का पाउडर मक्खन बनवाने से लाखों का घाटा वहन कर कम दामों में बेचा जा रहा है। हुई गड़बड़ी में उज्जैन संघ को २९ करोड़ का नुकसान और भोपाल का फायदा ५० करोड़ इंदौर का ३० करोड़ जबलपुर का २ करोड़ व सागर दुग्ध संघ का १ करोड़ मुनाफा घट गया है।