देवउठनी ग्यारस के बाद नहीं होंगे मांगलिक कार्य

पं. पुष्पेन्द्र पांडे
इस बर्ष देवउठनी एकादशी के बाद भी नहीं होंगे मांगलिक कार्य गुरूग्रह के अस्त होने के कारण वर कन्या को 7 दिसंबर तक विवाह के लिए करना पड़ेगा इंतजार इस वर्ष देव उठनी ग्यारस 19 नवंबर सोमवार को पड़ रही है Óयोतिषाचार्य पंडित पुष्पेंद्र पांडे के अनुसार वृश्चिक राशि में सूर्य का प्रवेश होने के बाद ही शादी विवाह, गृहप्रवेश, गृहारंभ, मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत संस्कार एवं अनेक मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते है इस वर्ष सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश 16 नवंबर को हो रहा है और देवउठनी एकादशी 19 नवंबर को पड़ रही है परंतु इस बार 12 नवंबर को गुरु का अस्त होगा इस कारण इस वर्ष देवउठनी एकादशी के बाद भी मांगलिक कार्य नहीं होंगे वर कन्या को 22 दिन और इंतजार करना पड़ेगा इस वर्ष तारा अस्त गुरु का अस्त होने के कारण मात्र दिसंबर में तीन ही शादी के मुहूर्त हैं 8 दिसंबर 10 दिसंबर और 15 दिसंबर इन & दिनों में ही शादी विवाह हो सकेंगे इसके बाद 14 जनवरी के बाद शादी विवाह के मुहूर्त प्रारंभ होंगे शादी विवाह में गुरु और शुक्र ग्रह की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है दिसंबर माह में मात्र तीन ही शादी के शुभ मुहूर्त होने के कारण लोग परेशान हो रहे है देवगुरु बृहस्पति को स्त्रियों के विवाह का कारक ग्रह माना जाता है और शुक्र को पुरूषों का विवाह का कारक ग्रह माना जाता है दांपत्य सुख विवाह सुख बृहस्पति और शुक्र के कारण ही शुभ होता है Óयोतिष मै गुरु और शुक्र के अस्त को तारा अस्त भी कहा जाता है तारा अस्त होने के कारण इस वर्ष देवउठनी एकादशी के बाद भी मांगलिक कार्य नहीं होंगे शादी विवाह के लिए 7 दिसंबर तक इंतजार करना होगा गुरु सुख का विवाह दांपत्य जीवन का कारक ग्रह है स्त्रियों की पत्रिका में सप्तम भाव पति का होता है गुरू पति पिता राज योग धर्म आध्यात्मिक सुख शांति का कारक ग्रह और सौर मंडल मै बृहस्पति का आकार सबसे बड़ा है यह सूर्य की परिक्रमा 11 वर्ष 9 माह मै पूरी करता है बृहस्पति महर्षि अंगिरा के पुत्र है मन्हे देवताओं के गुरु का पद प्राप्त है गुरु शुक्र के अस्त के समय कोई भी मांगलिक कार्य शुभ नहीं होता गुरु व शुक्र के अस्त के समय विवाह आदि शुभ मांगलिक कार्य करना पूर्णता वर्जित है 15 दिसंबर के बाद धनु राशि में सूर्य का प्रवेश होने के कारण एक माह तक विवाह आदि मांगलिक कार्य नहीं हो सकैगे 14 जनवरी से मकर राशि में सूर्य प्रवेश करेंगे इसके बाद ही शादी विवाह गृहप्रवेश मांगलिक कार्य होना प्रारंभ होंगे और 14 मार्च तक चलैगे 15 मार्च से मीन राशि में सूर्य का प्रवेश होने के कारण सभी मांगलिक कार्य बंद रहेंगे।