साकी ने पैमाने को बदनाम कर दिया

प्रदेश में फ्री और फेयर इलेक्शन के लिए वो तमाम कोशिशें की जा रही हैं, जिससे आयोग को लगे कि तैयारी माकूल है। लेकिन मंत्रालय के एक बड़े नौकरशाह की तेज चाल ने उनके ही फरमान को ठिठोली का माध्यम बना दिया। दरअसल साहब ने सीमावर्ती राज्यों से शराब तस्करी रोकने के लिए पांच राज्य की सरकारों से एमपी की सीमा से लगी शराब दुकानोंं को बंद रखने के लिए एक पत्र लिख दिया। इन पांच राज्यों में उन्होंने गुजरात सरकार को भी शामिल कर दिया। गुजरात में शराब पर प्रतिबंध है, ऐसे में वहां शराब की कोई दुकान नहीं है। जब दुकान नहीं है तो फिर बंद किसे रखा जाएगा? पीएस के पत्र पर अब मंत्रालय के अन्य अफसर ही चुटकी ले रहे हैं और साहब के सामान्य ज्ञान को लेकर कठघरे में खड़ा कर रहे हैं। चूंकि मामला गुजरात का है, इसलिए लगता है कि साहब से बहुत बड़ी गलती हो गई। अब क्या करें क्या न करें के बीच में ही साहब उलझे हैं। जब उलझन सुलझ जाएगी तो आप तक भी खबर पहुंच जाएगी। … खबरची