भोपाल, 6 दिसम्बर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एकलव्य पुरस्कार विजेताओं को शासकीय नौकरी देने, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को बिना परीक्षा के पुलिस में उपनिरीक्षक, आरक्षक के पद पर नियुक्ति देने और अन्य शासकीय विभागों में भी ऐसी व्यवस्था करने की घोषणा की है। चौहान आज मध्यप्रदेश शिखर खेल अलंकरण समारोह 2017 कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधानसभा उपाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह, विधायक, गणमान्य नागरिक, खेल प्रेमी और खिलाड़ी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जिन्दगी खेल के बिना अधूरी है। राजनीति में खेल आ जाए तो चमत्कार होता है, लेकिन खेलों में राजनीति नहीं आनी चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में जिस विजन के साथ राष्ट्र निर्माण का कार्य हो रहा है, उसमें 2020 के ओलंपिक में भारत पदकों का रिकार्ड बनाएगा। खेलों में देश में नया इतिहास रचा जा रहा है। मध्यप्रदेश भी इसमें अग्रणी रहेगा। मध्यप्रदेश के खिलाडिय़ों के प्रदर्शन में यह दिख रहा है। भारत की महिला हॉकी टीम में आधे खिलाड़ी मध्यप्रदेश की हॉकी अकादमियों के हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदेश के 80 खिलाडिय़ों ने प्रतिभागिता की, जिनमें से 46 ने पदक प्राप्त किए। उन्होंने पालकों से कहा कि बच्चों को खेलने-कूदने और मस्ती करने का अवसर भी दें। जो बच्चे पढऩा चाहते हैं और जो खेलना चाहते हैं, दोनों के साथ प्रदेश की सरकार है। मेधावी बच्चों की उच्च शिक्षा की फीस राज्य सरकार द्वारा भरवाए जाने की योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि खेलने वाले बच्चों को भी पीछे नहीं रहने दिया जाएगा। बच्चे राज्य का भविष्य हैं, उनकी हर आवश्यकता को पूरा किया जाएगा।
केन्द्रीय युवा कार्य एवं खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि कानून बनाकर केन्द्रीय सरकारी नौकरियों में खिलाडिय़ों के लिए निर्धारित पदों के आरक्षण की व्यवस्था की जाएगी। खिलाडिय़ों के लिए आरक्षित पद पर उम्मीदवार नहीं मिलने पर रिक्त पद अगले वर्ष की रिक्तियों में जोड़ दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि खेलों से संबंधित मोबाइल एप्लीकेशन भी तैयार किया जा रहा है, जिसमें खेल मैदानों, अन्य सुविधाओं और प्रशिक्षकों की जानकारी उपलब्ध रहेगी। राठौर ने कहा कि भारत सरकार खेलों इंडिया के विजन पर कार्य कर रही है। देश में पहली बार अंडर-17 की खेल प्रतियोगिताओं का विशाल टूर्नामेंट 31 जनवरी से 8 फरवरी, 2018 तक आयोजित किया जायेगा। इस टूर्नामेंट में विभिन्न विद्यालयों, फेडरेशनों और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की टीमें भाग लेंगी। खिलाडिय़ों को समर्थन और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रथम चरण की स्पांसरशिप भी केन्द्र सरकार द्वारा दी जाएगी। हर वर्ष देश भर से एक हजार खिलाडिय़ों को पांच लाख रुपए प्रति वर्ष के मान से आठ वर्ष की स्पांसरशिप दी जाएगी। विद्यालयों में आगामी ग्रीष्मावकाश से पूर्व आठ से चौदह वर्ष की उम्र की खेल प्रतिभाओं की खोज का कार्य भी किया जाएगा। उनकी शारीरिक क्षमताओं और दक्षताओं के आधार पर उनको उपयुक्त खेल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी तरह खेल प्रतिभाओं को खोजने वाले प्रशिक्षकों को भी उचित प्रोत्साहन और सम्मान दिए जाने की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि पदक विजेता खिलाड़ी के प्रशिक्षक के लिए निर्धारित प्रोत्साहन राशि का बीस प्रतिशत हिस्सा प्रारंभिक कोच को मिले। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया अभियान में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। अच्छा इंजीनियर, अच्छा डॉक्टर और अच्छा नागरिक बनाने के लिए खेल आवश्यक हैं। टीम के लिए खेलने, गिर कर उठने और हार कर जीतने की शिक्षा खेल मैदान में ही मिलती है। ऐसे गुरुओं के सम्मान और गुरु-शिष्य की संस्कृति को पुनस्र्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। राठौड़ ने मुख्यमंत्री चौहान के नेतृत्व की सराहना करते हुए बताया कि मध्यप्रदेश राज्य में ही उनकी विद्यालयीन और सैनिक शिक्षा संपन्न हुई है।
खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राज्य सिंधिया ने कहा कि दिल और दिमाग में जीत हासिल करने का जज्बा ही जीत को पक्का करता है। पैरा ओलम्पियन खिलाडिय़ों के जीवन संघर्ष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन खिलाडिय़ों ने चुनौतियों का सामना संकल्प और कठोर परिश्रम से किया और सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने आज दो सौ करोड़ का बजट खेलों को उपलब्ध कराया है।
इस अवसर पर रियो पैरा ओलम्पिक के पदक विजेताओं सुश्री दीपा मलिक को चालीस लाख रुपए, देवेन्द्र झांझरिया को पचास लाख रुपए, मरियप्पन थंगावेलू को पचास लाख रुपए और वरुण सिंह भाटी को पच्चीस लाख रुपए तथा रियो ओलम्पिक-2016 में महिला कुश्ती में कांस्य पदक विजेता सुश्री साक्षी मलिक को पच्चीस लाख रुपए की सम्मान निधि से सम्मानित किया गया। भारतीय महिला हॉकी दल में मध्यप्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी की सुश्री अनुराधा देवी, पी. सुशीला चानू, रेणुका यादव तथा एल फैली को 5-5 लाख रुपए की सम्मान निधि दी गई। वर्ष 2017 के लिए एकलव्य, विक्रम एवं विभिन्न खेल पुरस्कारों के लिए प्रदेश के कुल 28 खिलाडिय़ों को शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया।