अतिवृष्टि और बाढ़ से निपटने संसाधनों का उपयोग करें: मोहंती

मुख्य सचिव ने विभाग प्रमुखों को दिए निर्देश, राज्य स्तरीय समिति की बैठक संपन्न
भोपाल, 1 जून।
मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहन्ती की अध्यक्षता में अतिवृष्टि एवं आगामी मानसून में वर्षा पूर्व बाढ़ से बचाव के संबंध में राज्य स्तरीय समिति की बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाए। सभी जिलों में आम नागरिकों की जानकारी के लिये बाढ़ राहत कंट्रोल रूम के नम्बर जारी किये जाएँ। नदियों का जल स्तर खतरे के निशान पर आने की सूचनाएँ रहवासियों को समय पर मिल सके ऐसी व्यवस्था की जाये। जिलों में मोटरबोट चालू हालत में रखे। आवश्यकता पडऩे पर सेना की मदद ली जाये। लोगों के लिये पेयजल की उपलब्धता के साथ ही पशुओं के लिये चारे एवं पानी की व्यवस्था भी की जाए।
मुख्य सचिव मोहन्ती ने विभिन्न विभागों को दायित्व सौंपे। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग को निर्देशित किया कि अगले 3 सप्ताह में अभियान चलाकर नालों की सफाई करायें एवं अतिक्रमण हटवाएं। लोक निर्माण विभाग को पुलों पर यातायात नियंत्रण के लिये बेरियर लगाने, क्षतिग्रस्त पुलियों की मरम्मत कराने एवं खतरनाक स्थलों पर चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिये।
परिवहन विभाग द्वारा बाढ़ के दौरान लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाने के लिये वाहनों की व्यवस्था करने, जल संसाधन विभाग को बड़े बांधो एवं अंतर्राज्यीय बांधों से पानी छोडऩे में समन्वय कायम रखने, केंद्रीय जल आयोग, मौसम विभाग और नर्मदा घाटी विकास विभाग को चेतावनी एवं पूर्वानुमान की जानकारी निरंतर प्राप्त करने का दायित्व सौंपा गया। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा एवं दवाईयों की उपलब्धता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल स्रोतों का गुणवत्ता परीक्षण, शुद्ध पानी हेतु क्लोरीन गोलियों का वितरण करने की जिम्मेदारी दी गयी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग को वर्षा प्रारंभ होने के पूर्व पहुंच विहीन क्षेत्रों में खाद्यान्न का भण्डारण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गयी। ऊर्जा विभाग को विद्युत सप्लाई एवं इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने तथा जनसम्पर्क विभाग को मीडिया को निरंतर जानकारी देने का दायित्व सौंपा गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव वन विभाग, अपर मुख्य सचिव ऊर्जा, अपर मुख्य सचिव वित्त, प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव आयुष, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, प्रमुख सचिव परिवहन, प्रमुख सचिव पशुपालन, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, महानिदेशक नगर सेवा एवं नागरिक सुरक्षा, सेना, मौसम एवं रेल्वे के अधिकारी उपस्थित थे।
भोपाल कमिश्नर श्रीमती कल्पना श्रीवास्तव ने ग्रीन भोपाल-कूल भोपाल (हरा भोपाल-शीतल भोपाल) के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शहर के निरंतर बढ़ते तापमान एवं कम होती हरियाली को रोकने के लिए यह कार्यक्रम चलाया जा रहा है। भोपाल शहर की पहाडिय़ां श्यामला हिल्स, अरेरा हिल्स, ईदगाइ हिल्स, कटारा हिल्स, मनुआभान टेकरी और द्रोणांचल नेवरी हिल्स को हरा-भरा करने एवं सौन्दर्यीकरण कार्य का दायित्व विभिन्न एजेंसियों को सौंपा गया है। ईदगाह हिल्स- नगर निगम/स्मार्ट सिटी, अरेरा हिल्स-सीपीए, मनुभावन टेकरी- सीपीए, कटारा हिल्स-सीसीएफ,भोपाल वृत्त, द्रोणांचल नेवरी- बीडीए, श्यामला हिल्स को सीपीए द्वारा हरा-भरा किया जाएगा।
श्रीमती श्रीवास्तव ने जानकारी दी की भोपाल शहर में इस वर्ष 11 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। नागरिकों द्वारा 5 लाख पौधे, एनएचएआई द्वारा लालघाटी, मुबारकपुर, रायसेन में 70 हजार पौधे, भोपाल डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा 40 हजार, उद्यानिकी द्वारा 40 हजार, सीपीए एक लाख, गोविन्दपुरा इड्रस्ट्रीयल एसोसिएशन द्वारा 20 हजार, वन विभाग द्वारा 2 लाख, नगर निगम द्वारा 2 लाख एवं पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा 10 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। शहर के 325 पार्को के विस्तार एवं सुधार का कार्य भी किया जाएगा। इसमें नगर निगम द्वारा 115, बीडीए द्वारा 172, उद्यानिकी द्वारा 4, सीपीए 25, एनएचएआई द्वारा 9 पार्कों में सुधार किया जाएगा।
भोपाल शहर के रहवासियों को उनकी सोसायटी के द्वारा या व्यक्तिगत रूप से प्रति व्यक्ति दो पौधे प्रदाय किए जाएंगे। पौधों का प्रदाय नगर निगम के 19 जोन कार्यालयों एवं 50 सांची पार्लरों से तथा रहवासी कॉलोनियों में मोबाइल वेन के माध्यम से कराया जाएगा। पौधों का रोपण कैसे करें, इस बारे में पम्पलेटस का वितरण भी किया जाएगा। इस कार्य के लिये ब्रांड एम्बेसेडर बनाये गए चार आरजे द्वारा 05 जून से 20 जून 2019 तक एफएम रेडियो के माध्यम से रहवासियों को प्लांटेशन से संबंधित समस्त प्रकार की जानकारी दी जाएगी। ऑन युअर ट्री व गिफ्ट ट्री के संबंध में जानकारी प्रकाशित की जाएगी। समाचार-पत्रों, सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया के माध्यम से भी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। एक वर्ष तक पौधा जीवित रखने वाले व्यक्ति को वृक्ष मित्र प्रशस्ति-पत्र दिया जाएगा।
बैठक में अपर मुख्य सचिव वन के.के. सिंह, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (अनुसंधान एवं विस्तार), मुख्य वन संरक्षक भोपाल वृत्त, मुख्य वन संरक्षक राजधानी परियोजना, वन मण्डल भोपाल, मुख्य वन संरक्षक अनुसंधान एवं विस्तार, आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी भोपाल विकास प्राधिकरण, परियोजना निदेशक भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, महाप्रबंधक म.प्र. सड़क विकास प्राधिकरण, मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग, संयुक्त संचालक उद्यानिकी, संयुक्त संचालक उद्योग एवं संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश उपस्थित थे।

हरीतिमा और शीतलता होगी भोपाल की पहचान
मुख्य सचिव सुधि रंजन मोहंती की अध्यक्षता में हरा भोपाल-शीतल भोपाल के संबंध में मंत्रालय में आज बैठक सम्पन्न हुई। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि पौधे लगाने एवं पार्क सुधार में सभी का सहयोग प्राप्त करें। औद्योगिक इकाइयों को भी इस कार्य से जोड़ा जाए। बड़े पौधों की कीमतें उनके वर्ष के हिसाब से तय की जाएं। मुख्य सचिव ने वृक्षों की अवैध कटाई पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए। मोहंती ने ग्रीन भोपाल-कूल भोपाल के अंतर्गत नागरिकों को 12 रूपये के स्थान पर 10 रूपये में पौधे उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नागरिकों को पौधे प्रदाय करते समय पौधों की देखभाल सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाए। पौधों को लगाने, देखभाल करने एवं पौधा जीवित बना रहे, इसके लिए पीपुल्स ऑडिट किया जाए। सभी वृक्षों की नंबरिंग की जाए तथा जलवायु अनुसार विविध प्रजातियों के पौधे रोपित किये जाएं। भोपाल जिले में स्थित झीलों एवं जल संरचनाओं को उनके आस-पास अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरियाली से आच्छादित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि 70-75 लोगों का ग्रुप तैयार किया जाए, जिसमें जन-प्रतिनिधि भी सम्मिलित हों। स्कूल एवं कॉलेज के छात्र-छात्राओं को भी इस अभियान से जोड़ा जाए एवं बड़े पैमाने पर इसका प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि जनता की सहभागिता सुनिश्चित हो सके। एमपीआरडीसी एवं पीडब्ल्यूडी विभाग सड़कों के दोनों ओर वृक्षारोपण का कार्य अनिवार्य रूप से करें।