कोटा से छत्तीसगढ़ लौटी छात्रा की क्वारंटीन सेंटर में बिगड़ी तबीयत

जिला अस्पताल में कराया भर्ती
रायपुर। शासन के प्रयास से कोटा से दुर्ग आई अंबिकापुर निवासी छात्रा (18 वर्ष) की तबीयत बिगड़ गई। उसे विज्ञान विकास केन्द्र, क्वारंटीन सेंटर से शनिवार को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां केजुअल्टी में प्राथमिक उपचार कर कुछ घंटे बाद आइसोलेशन सेंटर में रखा गया। आराम करने के बाद विज्ञान विकास केन्द्र पहुंचाया गया। गौरतलब हो कि क्वारंटीन सेंटर में अन्य सहेलियों के साथ छात्रा रह रही थी। सुबह उसे बैचेनी व उल्टी लगने जैसी परेशानी हुई थी। विशेषज्ञ की सलाह पर उसे कुछ घंटे जिला अस्पताल में भर्ती रखा गया। ग्लूकोज लगाने के बाद वह स्वयं को ठीक लगने की बात कही। तब जाकर डॉक्टरों ने राहत की सांस ली।छात्रा ने बताया कि विज्ञान विकास केन्द्र में प्रशासन ने अच्छी व्यवस्था की है। कैंपस पूरी तरह सुरक्षित है। कोटा से 90 बसों से विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ लाया गया है। इनमें से 208 छात्राओं व 12 परिजनों समेत 220 लोगों को विज्ञान विकास केन्द्र में रखा गया है।
जिले में सीवियर एम्यू रिस्पेट्री इंनफेक्शन मरीजों का सैंपल लेना अनिवार्य, अब तक 52 सैंपल लिए गए हैं। दुर्ग जिला ग्रीन जोन में आते ही स्वास्थ्य विभाग ने सीवियर एम्यू रिस्पेट्री इंनफेक्शन (सारा) वाले मरीजों का सैंपल लेना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग के कर्मचारी अब तक 52 सैंपल कलेक्शन कर चुके है। शनिवार को सेक्टर-9 अस्पताल में भर्ती सारा के एक मरीज का सैंपल लिया गया।डॉक्टरों के मुताबिक सारा के मरीजों को सांस में तकलीफ होती है। सांस लेने में बेहद कठनाई होती है। यह समजना मुश्किल होता है कि मरीज को वास्तव में सीवियर एम्यू रिस्पेट्री इंनफेक्शन है या फिर कोरोना है। इसलिए शासन ने ऐसे मरीजों का स्वाब टेस्ट अनिवार्य कर दिया है।स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी किसी भी नर्सिंग होम या अस्पताल में इस तरह के मरीज होने की सूचना पर उसी अस्पताल में सैंपल क लेक्ट कर रहे है। अस्पताल संचालकों को निर्देश दिया गया है कि सीवियर एम्यू रिस्पेट्री इंनफेक्शन मरीजों को विशेष एहतियात के साथ रखा जाए।