लॉकडाउन में गरीबों के सस्ते चावल को बना लिया नोट छापने की मशीन

पीडीएस चावल की कालाबाजारी करने वाला व्यापारी गिरफ्तार
रायपुर। शासकीय उचित मूल्य की दुकान के चावल की कालाबाजारी का सिलसिला थम नहीं रहा है। पुलिस ने अनाज लाइन से पीडीएस का 61 बोरी चावल जब्त किया है। दबिश के समय सेठी ट्रेडर्स के संचालक पीडीएस के चावल को दुकान से कहीं और भिजवा रहा था। इस मामले में पुलिस ने अजय जैन (45) को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक अनाज लाइन स्थित सेठी ट्रेडर्स से ऑटो में पीडीएस का चावल लोड करने की सूचना मिली थी। इसी सूचना के आधार पर सीएसपी विवेक शुक्ला व टीआई राजेश बागड़े ने दोपहर 2 बजे दबिश दी। ऑटो में लोड चावल की जांच की गई तो पूरा मामला सामने आया। अनाज व्यापारी अजय जैन ने कहा कि वह चावल को अपने घर पहुंचा रहा था। उसने सीधे उचित मूल्य की दुकान से चावल को नहीं खरीदा है, बल्की हितग्राही स्वयं चांवल को बेच कर गए है। बहरहाल इस मामले में पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है।राशन दुकान समेत अन्य जरूरत के लिए कस्टम मिलिंग करवाता है। राइस मिलर्स धान की मिलिंग कर चावल को नागरिक आपूर्ति निगम में जमा करते है। जहां से चावल की पैंकिंग कर उचित मूल्य की दुकानों में आवंटन किया जाता है। अनाज व्यापारी ने सरकारी चावल के पैकिंग को बदल दिया था। उसे सामान्य बोरी में भरा था। पता चला है कि कई अनाज व्यापारियों ने घरों में पैकिंग मशीन रखा है। जिसे तत्काल पैकेट बदलकर नया पैकेट तैयार किया जाता है।
लॉकडाउन की वजह से सरकार गरीबों को तीन माह का चावल एडवांस में दे रही है। वहीं एपीएल कार्डधारियों को दस रुपए किलो में सरकार चावल दे रही है। बताया जाता है कि अनाज व्यापारी इस अनाज को 13 रुपए किलो के भाव से खरीद रहे हैं। इस अनाज के बदले अन्य सूखा सामान जैसे शक्कर, चायपत्ती, हल्दी, धनिया नमक, साबुन, निरमा व तेल जैसे सामान दे रहे हैं।बताया जाता है कि चावल को अनाज दुकान में पहले स्टोर किया जाता है। इसके बाद चावल को गोदाम व घर में पैकिंग के लिए भेजा जाता है। यह काम अनाज लाइन में खुलेआम होता है। दरअसल किसी को यह पता नहीं चलता कि अनाज की बोरी में पीडीएस का चावल है। लोग यह समझते है कि सूखा अनाज का परिवहन किया जा रहा है।