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प्रदेश में कोरोना पर एक नजर

ग्वालियर, 12 अगस्त। फूलबाग गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान राधाकृष्ण का श्रृंगार करीब 100 करोड़ रुपए के अधिक की ज्वैलरी से किया गया है। सिंधिया राजवंश के ये प्राचीन ज्वैलरी मध्यभारत की सरकार के समय गोपाल मंदिर को सौंप दिए गए थे। इन बेशकीमती ज्वैलरी में हीरे और पन्ना जडि़त हैं। ज्वैलरी को बुधवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जिला कोषालय से मंदिर लाया गया। 200 पुलिस कर्मी सुरक्षा व्यवस्था में लगाए गए हैं। सीसीटीवी से एक-एक गहने पर नजर रखी जा रही है। कोषालय से ज्वैलरी को मंदिर में लाते समय रास्ते खाली करा लिए गए थे। जैसे ही ज्वैलरी के बाक्स मंदिर पहुंचे। कोषालय ने सिर्फ उन्ही लोगों को मंदिर में रुकने की अनुमति दी जिनके नाम ट्रस्ट ने दिए थे। पहले ज्वैलरी की लिस्टिंग के बाद उनका वजन किया गया। इसके बाद गंगाजल से धोने के बाद भगवान को पहनाए गए। मंदिर के इतिहास में पहली बार कोरोना संकट के चलते इस बार मंदिर के अंदर श्रद्धालुओं को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।
रात में ही जमा कराए जाएंगे कोषालय में
कृष्ण जन्म के बाद रात 12 बजे ही इन जेवरातों को ट्रेजरी खुलवाकर उसमें रखवाया जाएगा और दूसरे दिन सुबह इन्हें दोबारा से बैंक के लॉकर में रखवा दिया जाएगा। सौ करोड़ कीमत के हैं गहने सिंधिया रियासत द्वारा बनवाए गए इस मंदिर में राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं के लिए बहुमूल्य रत्नों से जडि़त सोने की जेवरात हैं। एंटीक होने के कारण इनका बाजार मूल्य सौ करोड़ से अधिक आंका जाता है।