देश में अब तक 40.34 लाख केस


नई दिल्ली, 5 सितम्बर। देश में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 40 लाख 34 हजार 339 हो गया है। राहत की बात है कि इनमें 31 लाख 12 हजार 669 लोग ठीक भी हो चुके हैं, जबकि 8 लाख 51 हजार 305 मरीजों का अभी इलाज चल रहा है। संक्रमण के चलते देश में अब तक 69 हजार 749 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, ओडिशा सरकार ने राजधानी भुवनेश्वर में हुई सीरो सर्वे की रिपोर्ट की रिपोर्ट शनिवार को जारी कर दी। सर्वे में यहां के 5.15 प्रतिशत ं
में एंटी बॉडी मिली है। मतलब या तो ये लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं या फिर संक्रमण के बाद ठीक हो गए हैं और इन्हें मालूम ही नहीं चला। सर्वे में शहर के 1,320 लोगों के सैंपल की जांच हुई।

उधर, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश की राजधानी में रहने वाले लोगों को डरने और परेशान होने की जरूरत नहीं है। राज्य में हालात काबू में है। उन्होंने कहा कि राज्य में फिर से संक्रमितों के मामले इसलिए ज्यादा बढ़ रहे हैं क्योंकि सरकार ने टेस्ट की क्षमता डबल कर दी है।

तेलंगाना के फाइनेंस मिनिस्टर पॉजिटिव
तेलंगाना के फाइनेंस मिनिस्टर टी हरीश राव की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्होंने ट्विट करके इसकी जानकारी दी। लिखा- शुरुआती लक्षण दिखने पर मैंने अपना कोविड-19 टेस्ट कराया और उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। पिछले कुछ दिनों में मेरे संपर्क में आए सभी लोगों से अनुरोध है कि कृपया वह खुद की जांच कराएं और खुद को आईसोलेट करें।

रेलवे का ऐलान :12 सितंबर से 80 नई स्पेशल ट्रेनें चलेगी

1.40 लाख पदों पर भर्ती के लिए 15 दिसंबर से परीक्षाएं होगी शुरू

नई दिल्ली, 5 सितम्बर। रेलवे ने 12 सितंबर से 80 (40 जोड़ी) नई स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इसके लिए 10 सितंबर से रिजर्वेशन शुरू होंगे। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने शनिवार को ये जानकारी दी। यादव ने ये भी कहा कि हम लगातार इस बात पर नजर रख रहे हैं कि किन ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट लंबी है। जिस भी ट्रेन में ऐसा होगा, उसके लिए एक और ( इसे क्लोन ट्रेन नाम दिया है) ट्रेन चलाई जाएगी। ये क्लोन ट्रेन, एक्चुअल ट्रेन से पहले चलेगी, ताकि ज्यादातर यात्रियों को जगह मिल सके। जिन राज्यों से परीक्षाओं या अन्य किसी चीज के लिए ट्रेन चलाने की मांग होगी, उसे भी पूरा किया जाएगा। रेल मंत्रालय ने पहले कई श्रमिक स्पेशल ट्रेन सेवाओं के साथ-साथ आईआरसीटीसी स्पेशल ट्रेन सेवाओं की शुरुआत की थी। कोरोना महामारी के कारण इस समय सभी यात्री ट्रेन सेवाएं निलंबित हैं। अभी देश में 230 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। 29 अगस्त को अनलॉक-4 की गाइडलाइन जारी होने के तीन दिन बाद भारतीय रेलवे ने कहा था कि रेलवे आने वाले दिनों में 100 और ट्रेनें चलाने की योजना पर काम कर रहा है। कोरोनावायरस और लॉकडाउन के चलते रेलवे ने 25 मार्च से ही सभी पैसेंजर, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन सर्विस को रद्द कर दिया था।

रेलवे की परीक्षाएं 15 दिसंबर से
चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने बताया, रेलवे 1 लाख 40 हजार 640 पदों टेक्नीकल-नॉन टेक्नीकल ग्रेड के लिए परीक्षाएं आयोजित कर रहा है। ये कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा। रेलवे ये परीक्षाएं 15 दिसंबर से कराएगा। इसके लिए 2 करोड़ 42 लाख आवेदन मिले हैं। इनकी स्क्रूटनी कर ली गई है। शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा।

1 मई से चलाई गई थीं श्रमिक स्पेशल ट्रेनें
रेलवे ने श्रमिकों के लिए 1 मई से श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई थीं। इनके जरिए देश भर के श्रमिकों को उनके घर तक पहुंचाया गया था। रेलवे ने बताया था कि श्रमिक ट्रेनों का 85त्न खर्च केंद्र ने उठाया। 15त्न खर्च किराए के रूप में राज्यों ने वहन किया।

7 सितंबर से शुरू होगी मेट्रो
रेलवे ने 12 मई से 15 जो?ी एयर कंडीशन ट्रेनें और 1 जून से 100 जोड़ी टाइम टेबल्ड ट्रेनें चलाने का फैसला किया था। पिछले हफ्ते ही केंद्र ने 7 सितंबर से मेट्रो सर्विस शुरू करने की इजाजत दी थी। जल्द ही स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से स्टैंडर्ड ऑफ प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी की जाएगी, जिसमें मेट्रो ट्रेन को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।

भोपाल से इंदौर साढ़े पांच महीने के बाद चार्टर्ड बस सेवा शुरू
पैसेंजर्स का रिस्पांस 50 फीसदी से कम रहा, कोरोना के डर से 55 सीटर बसें आधी भी नहीं भर सकीं
भोपाल, 5 सितम्बर। भोपाल-इंदौर चार्टर्ड बस सर्विस साढ़े पांच महीने बाद शनिवार से फिर शुरू हो गई है। पहली बस सुबह 6.30 बजे भोपाल से इंदौर के लिए रवाना हुई। इसमें सिर्फ 13 यात्री ही इंदौर के लिए सवार हुए। 55 सीटर इन बसों को पूरी क्षमता के साथ चलाया जा रहा है। पहले दिन दोनों तरफ (भोपाल-इंदौर) से चार-चार बसें चलाई गईं हैं। सुबह से तीन बसें आ-जा चुकी हैं, लेकिन सीटें आधे से भी कम भर पाईं। बसों को हर फेरे से पहले सैनिटाइज किया जा रहा है। यात्रियों को बिना मास्क के बस में एंट्री नहीं
दी जा रही है। थर्मल स्क्रीनिंग और हाथों को सैनिटाइज कराने के बाद ही यात्रियों को बसों में बैठने की अनुमति दी जा रही है।

लोकगीत सम्राट देशराज पटैरिया का हार्ट अटैक से निधन
सीएम शिवराज ने कहा- एक सितारा खो दिया
भोपाल, 5 सितम्बर। बुंदेली लोकगीत सम्राट गायक देशराज पटैरिया का शनिवार को सुबह दिल का दौरा पढऩे से निधन हो गया। वे 67 वर्ष के थे। पटैरिया को बुंदेलखंड की शान माना जाता था। उनके गाए लोकगीत घर-घर सुने और गाए जाते थे। खासकर आल्हा और हरदौल की वीरता के लोकगीत बेहद लोकप्रिय हुए थे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशराज पटैरिया के रूप में आज हमने संगीत जगत का एक सितारा खो दिया। पटैरिया का अंतिम संस्कार भैंसासुर मुक्तिधाम में किया गया। पटैरिया के निधन पर प्रोटेम स्पीकर रामेश्वर शर्मा ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि पटैरिया बुंदेलखंड के सुप्रसिद्ध लोकगीत गायक और भजन सम्राट थे।

बुंदेलखंड के लोकगीत सम्राट कहे जाने वाले देशराज पटैरिया का जन्म 25 जुलाई 1953 को छतरपुर जिले के तिंदनी गांव में हुआ था। चार भाइयों और दो बहनों में वे सबसे छोटे थे। हायर सेकेंडरी पास करने के बाद उन्होंने प्रयाग संगीत समिति से संगीत में प्रभाकर की डिग्री हासिल की। इसके बाद पटैरिया को स्वास्थ्य विभाग में नौकरी मिल गई। लेकिन उनका मन नौकरी से ज्यादा बुंदेली लोकगीत में रमा रहा। वे दिन में नौकरी करते थे और रात में बुंदेली लोकगीत गायन में भाग लेते थे।

1976 में आकाशवाणी से मिली पहचान
वर्ष 1972 में देशराज ने मंचों पर लोकगीत गाना शुरू किया। लेकिन उनको असली पहचान वर्ष 1976 में छतरपुर आकाशवाणी से मिली, तब उनका गायन आकाशवाणी से प्रसारित होने लगा। जिसके बाद धीरे-धीरे बुंदेलखंड में उनकी पहचान बढऩे लगी। उन्होंने 10 हजार से भी ज्यादा लोकगीत गाए।

पटेरिया प्लेबैक सिंगर मुकेश को अपना आदर्श मानते थे
वर्ष 1980 आते-आते उनके लोकगीतों के कैसेट मार्केट में आ गए। इसके बाद पटैरिया के लोकगीतों का जादू बुंदेलखंड वासी की जुबां पर दिखने लगा। उन्होंने बुंदेलखंड के आल्हा हरदौल ओरछा इतिहास के साथ-साथ रामायण से जुड़े हास्य, श्रृंगार संवाद से जुड़े संवाद के भी लोकगीत गाए। बुंदेलखंड में पटैरिया के नाम सबसे ज्यादा लोकगीत गाने रिकॉर्ड है। वे बॉलीवुड प्ले बैक सिंगर मुकेश को अपना आदर्श मानते थे।

7 घंटे के अंदर मुंबई और नासिक में 3 बार भूकंप आया
जान माल का कोई नुकसान नहीं
मुंबई, 5 सितम्बर। शनिवार सुबह करीब 6.36 बजे मुंबई में भूकंप के झटके महसूस किए गए। इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 मापी गई। अभी तक जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। मुंबई में धरती कांपने के बाद कई लोग घरों से बाहर निकल आए। इससे पहले शुक्रवार देर रात 11.41 बजे महाराष्ट्र के नासिक में भूकंप का पहला झटका महसूस किया गया। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4 आंकी गई। इसके कुछ देर बाद 5 सितंबर को रात 12.05 पर 3.6 तीव्रता का भूकंप आया। यहां भी किसी तरह के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है।

पालघर में कई महीने से आ रहे हैं भूकंप के झटके
पिछले कई महीनों से महाराष्ट्र के पालघर में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए जा रहे हैं, जिसकी तीव्रता 2 से 3.5 के बीच मापी गई है। हालांकि, उस भूकंप में भी किसी के हताहत होने या कोई नुकसान की खबर नहीं थी।

भारतीय उपमहाद्वीप में कई जगहों पर खतरा
भारत को भूकंप के क्षेत्र के आधार पर जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5 में बांटा गया है। जोन-2 सबसे कम खतरे वाला और जोन-5 सबसे ज्यादा खतरे वाला जोन माना जाता है। जोन-5 में कश्मीर, पश्चिमी और मध्य हिमालय, उत्तर और मध्य बिहार, उत्तर-पूर्व भारतीय क्षेत्र, कच्छ का रण और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह आते हैं। मध्य भारत कम खतरे वाले जोन-3 में आता है। जबकि, दक्षिण के ज्यादातर हिस्से सीमित खतरे वाले जोन-2 में आते हैं। वहीं, जोन-4 में जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम, उत्तर बंगाल, दिल्ली, महाराष्ट्र शामिल हैं।

ऐसे लगाते हैं भूकंप की तीव्रता का अंदाजा

भूकंप की तीव्रता का अंदाजा उसके केंद्र (एपीसेंटर) से निकलने वाली ऊर्जा की तरंगों से लगाया जाता है। सैक?ों किलोमीटर तक फैली इस लहर से कंपन होता है। धरती में दरारें तक प? जाती हैं। धरती की गहराई उथली हो तो इससे बाहर निकलने वाली ऊर्जा सतह के काफी करीब होती है, जिससे बड़ी तबाही होती है।

बस किराया वृद्धि को लेकर जल्दी निर्णय लेगी सरकार : राजपूत
सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच गतिरोध खत्म
सागर, 5 सितम्बर। कोरोना काल के बाद 25 मार्च से बंद बसे आज से पूरी क्षमता से चलना शुरू हो गई है। इसको लेकर आज परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ने बयान दिया है कि सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच टैक्स को लेकर गतिरोध खत्म हो गया है। सरकार ने करीब 121 करोड़ रुपये का वाहन टैक्स माफ कर दिया है। टैक्स माफी के बाद आज से बस सुचारू रूप से चल सकेंगी। साथ ही बस किराया वृद्धि को लेकर कहा कि बस ऑपरेटर के साथ बैठक कर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।

न्यूनतम शासन और अधिकतम निजीकरण सरकार की नीति: राहुल
कांग्रेस का मोदी सरकार पर तंज
नयी दिल्ली, 5 सितंबर (वार्ता)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तंज कसते हुए शनिवार को कहा कि उसने अपनी नीति बदल दी है और वह अब ‘न्यूनतम शासन, अधिकतम निजीकरणÓ की सोच के साथ काम कर रही है। गांधी ने कहा मोदी सरकार की सोच-न्यूनतम शासन अधिकतम निजीकरण। कोविड तो बस बहाना है, सरकारी दफ़्तरों को स्थायीस्टाफ़-मुक्तÓ बनाना है, युवा का भविष्य चुराना है और ‘मित्रोंÓ को आगे बढ़ाना है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा मोदी जी,अब नई नौकरियों व नए पदों पर बैन। युवाओं के लिए शिक्षा नहीं, युवाओं के लिए रोजग़ार नहीं, युवाओं की परीक्षा का नतीजा नहीं,अब..युवाओं के लिए भविष्य में भी नौकरी नहीं। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के लिए अवसर पैदा नहीं करती है और इस दिशा में कोई प्रयास भी नहीं किये जा रहे है। उन्होंने कहा युवाओं के भविष्य पर कुंडली मारे बैठी भाजपा! कब देंगे न्याय, अब नहीं चलेगा अन्याय!

सीमा पर यथास्थिति कायम करे चीन, भारत संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम: राजनाथ
एससीओ सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक
नयी दिल्ली 5 सितम्बर (वार्ता)। भारत ने चीन से स्पष्ट शब्दों में कहा है कि उसे पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अपने सैनिकों को पीछे हटा कर यथा स्थिति कायम करनी होगी और वह स्थिति को सामान्य बनाने के लिए बातचीत का पक्षधर है लेकिन किसी को इस बात पर तनिक भी संदेह नहीं होना चाहिए कि भारतीय सैनिक देश की राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं। पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में पिछले करीब चार महीने से सीमा पर चल रही तनातनी के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रूस की राजधानी मास्को में चीनी रक्षा मंत्री जनरल वी फेंगही के साथ सवा दो घंटे से भी अधिक समय तक सीमा पर तनाव करने संबंधी उपायों और अन्य मुद्दों पर विस्तार से बात की। दोनों रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने मास्को गये हैं। एस सीओ की बैठक से इतर हुई इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सीमा पर चल रहे तनाव के दौरान राजनीतिक स्तर पर दोनों पक्षों के बीच यह पहली मुलाकात थी। चीनी रक्षा मंत्री के अनुरोध पर हुई यह बातचीत भारतीय समय के अनुसार रात साढे नौ बजे शुरू हुई और दो घंटे बीस मिनट तक चली। बातचीत के लिए चीन के रक्षा मंत्री भारतीय रक्षा मंत्री के पास उनके होटल में पहुंचे। श्री सिंह ने वास्तविक नियंत्रण रेखा पर हुए घटनाक्रम तथा गलवान घाटी की झड़प के बारे में चीन के सामने भारत का रूख स्पष्ट करते हुए कहा कि चीनी सैनिकों का जमावड़ा , उनका आक्रामक व्यवहार और यथा स्थिति बदलने की कोशिश दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है। चीनी सैनिकों की गतिविधि दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों की बैठक में हुई सहमति के अनुरूप भी नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भारतीय सैनिकों का सीमा प्रबंधन के बारे में हमेशा जिम्मेदारीपूर्ण रूख रहा है लेकिन इस बात को लेकर कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि भारत अपनी राष्ट्रीय संप्रभूता और अखंडता की रक्षा करने के लिए दृढ प्रतिज्ञ है।

काश सभी नेताओं के बच्च्ें
कार्तिकेय सिंह चौहान की तरह हो जाएं…?
यह एक खुशखबर है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान को दूसरी कतार का नेता बनने के लिए प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार कार्तिकेय अपने पिता के विधानसभा क्षेत्र और होशंगाबाद तथा विदिशा और सिहोर जिलों में भाजपा के युवा कार्यकर्ताओं और खासकर किसानों की समस्याओं को सुलझाने में मुख्यमंत्री का सहयोग कर रहे हैं। कार्तिकेय ने जब ‘मुकेशÓ नाम के किसी व्यक्ति की बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य सरकार की सहायता हेतु पहल की और देखा कि कार्तिकेय अपने पिता से किसी सामान्य व्यक्ति की मदद करने के लिए उन्हें अनुरोध कर रहे हैं, तो सोशल मीडिया में उनके चाहने वालों की बाढ़ आ गई। एक भाजपा नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि काश सभी मंत्री अपने युवा पुत्रों को इधर-उधर के धंधों से मुक्त करके दूसरी कतार की राजनीति में तैयार करें तो पार्टी का भविष्य उज्जवल रहेगा। -खबरची