कोरोना: सावधानी हटी दुर्घटना घटी

सुरेश तिवारी

भोपाल, 19 फरवरी। कई लोग अब धीरे-धीरे यह मानने लगे हैं कि कोरोना चला गया है या जा रहा है, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। अभी भी कोरोना का असर गया नहीं है। इंग्लैंड, यूरोप, चीन सहित पूरी दुनिया में इसके तीसरे दौर के हमले के बाद ऐसा लगता है कि भारत में भी दबे पांव दाखिल होता दिख रहा है। इसके तीन उदाहरण मेरे सामने हैं, जो मेरे अपनों के हैं। मेरे दामाद आनंद, जो हैदराबाद के एक प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट आई केयर हॉस्पिटल्स की चेन में ङ्कद्बष्द्ग क्कह्म्द्गह्यद्बस्रद्गठ्ठह्ल हैं, कोरोना की चपेट में आ गए। उन्हें एक सप्ताह तक अस्पताल में रहना पड़ा। चिकित्सकों व भगवान का शुक्र है कि वह वापस सही सलामत कल घर लौट आए हैं, लेकिन उन्हें अभी भी एक सप्ताह तक आइसोलेशन में रहने की सलाह दी गई है। भोपाल में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मनोज श्रीवास्तव की पत्नी मुक्ति श्रीवास्तव और उनकी डॉक्टर बेटी कोविड पॉजिटिव पाए गए हैं और उन्हें 15 दिन तक अपने निवास पर ही क्वॉरेंटाइन होने की सलाह दी गई है। अपने चार इमली निवास में ही अलग-अलग कमरों में दोनों मां बेटी क्वॉरेंटाइन होकर इलाज करवा रही हैं। इन तीनों प्रकरणों ने यह साबित कर दिया है कि कोरोना अभी गया नहीं है।
विडंबना देखिए कि मनोज श्रीवास्तव की डॉक्टर बेटी दिल्ली एम्स में कोरोना मरीजों के इलाज में सर्वोत्तम सेवा का प्रमाण पत्र लेकर आई है और भोपाल में कोरोना पॉजिटिव हो गई। अगर पूरे भारत की बात करें तो जिस तरह से मुंबई सहित तीन चार प्रांतों में कोरोना ने वापस पैर पसारना शुरू किए हैं और जिस तरह से मामले बढ़े हैं, उसने सब को चिंतित कर दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने तो यहां तक कह दिया है कि फिर से लॉक डाउन लगाना पड़ सकता है। मध्यप्रदेश की बात करें तो इंदौर और भोपाल में मामलों की संख्या पिछले कई दिनों से एकदम घटकर 20-25 पर आ गई थी, लेकिन पिछले 2 दिनों का विश्लेषण करें तो पाएंगे कि इनकी संख्या फिर बढऩा शुरू हो गई है। इंदौर में कल 89 और भोपाल में 79 नए प्रकरण सामने आए हैं। कुल मिलाकर यह कहना उचित होगा कि कोरोना अभी गया नहीं है। अभी भी पूरी पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है। अगर सावधानी हटी तो दुर्घटना घटने में देर नहीं लगेगी। इसलिए सावधानी सबसे ज्यादा जरूरी है। कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पूरी तरह पालन करें। उसमें जरा भी कोई कोताही नहीं बरतें। वही हमें इस जानलेवा बीमारी से बचाने में मदद कर सकता है।