एक अतिरिक्त मुख्य सचिव का पुनर्वास तय…

मध्यप्रदेश में शिखर का प्रशासन ‘शीर्ष नौकरशाहों की ताजपोशी या उन्हें हाशिए पर पहुंचाने के दौर से गुजर रहा है। इसी के चलते एक अतिरिक्त मुख्य सचिव जिन्हें अप्रैल माह में ही रिटायर होना है, के पुनर्वास को लेकर चर्चाएं इतनी गर्म हैं कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं उद्वेलित होकर सोचने पर मजबूर हो गए कि अपने मॉडल स्कूल के जमाने के निहायत ईमानदार नौकरशाह को उन्होंने कैसे और किन कारणों से छोड़ा है। सू्त्रों के अनुसार बताते हैं कि मुख्यमंत्री अपने सबसे निकटतम सलाहकार वरिष्ठ पत्रकार से कहा है, कुछ करना चाहिए क्योंकि बुद्धिमान व्यक्ति के खिलाफ फैसले भले ही किसी के ‘ईगो के कारण लेने पड़े हों, लेकिन उनके उपयोग के महत्व को नकारा नहीं जा सकता। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त जिस निकटतम वरिष्ठ पत्रकार (सलाहकार) की बात का यहां पर जिक्र हुआ है, उसका संबंध वरिष्ठ पत्रकार गिरजा शंकर अग्रवाल से संबंधित नहीं है। -खबरची