मध्यप्रदेश में शिवराज से बड़ा ना कोय…

मध्यप्रदेश में चौथी बार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के तेवरों एवं वर्तमान राजनीतिक शैली से मंत्रालय से लेकर दीनदयाल उपाध्याय परिसर, भाजपा मुख्यालय तक हड़कंप मचा हुआ है। मंत्रालय में बिना मनीष रस्तोगी के फोन के कुछ भी नहीं होता। क्यों कि मुख्यमंत्री ने अपने ‘रिमोट के सारे बंटन मनीष रस्तोगी को सौंप रखे हैं। वीडी शर्मा सहित संगठन के अन्य पदाधिकारियों में कार्यक्रमों की तैयारी भले ही पूरी हो जाए, परंतु क्रियान्वयन के पहले यह ध्यान रखा जाता है कि ‘शिवराज जी से ही पूछकर क्रियान्वयन होना चाहिए, क्योंकि वे ही पूरे प्रदेश के सबसे बड़े नेता हैं और सब कुछ प्रदेश में गली-गली तक यह जानते हैं कौन कार्यकर्ता कितना सक्षम है, उपयोगी है या ‘डाउटफुल है। इसी अवधारणा के चलते एक नेता गाहे-बगाहे यह कहने में नहीं चूकते कि महाराजा सिंधिया के भाजपा में आने के बाद मध्यप्रदेश में पुराने भाजपाई ताकतवर नेता केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र तोमर और गोपाल भार्गव, डॉ. नरोत्तम मिश्रा, भूपेन्द्र सिंह, कमल पटेल ये सभी मंत्री शिवराज के पक्ष में सब लामबंद हो गए हैं और कहते हैं देखो भाई यह तो मान लो, मन में ठान लो अब मध्यप्रदेश में ‘शिवराज से बड़ा ना कोय और यह स्थिति 2023 के विधानसभा आम चुनाव तक बनी रहे तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उपरोक्त मंत्रियों में सबसे ज्यादा शिवराज जी की ब्रांडिंग गोपाल भार्गव ही करते हैं ऐसा माना जा रहा है…। -खबरची