72 घंटे में हो जाएगा सत्र समाप्त…?

कमलनाथ ने कहा होली तक चलाओ सदन, लेकिन

विशेष रिपोर्ट?
विजय कुमार दास
मो.9617565371

मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 26 मार्च 2021 तक नियत है, परन्तु जो सूचनाएं प्राप्त हो रही हैं उससे लगता है कि यह बजट सत्र बमुश्किल 2 या 3 दिन ही और चल पाएगा, या यूं कहा जाए कि 72 घंटों के भीतर बजट सत्र 2021 को समाप्त करने की घोषणा हो जाएगी। राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने इस मुद्दे को लेकर सबसे पहले विधानसभा के प्रमुख सचिव अवधेश प्रताप सिंह से लंबी बातचीत की और सत्र के संचालन में कोरोना को लेकर कठिनाइयों का जिक्र किया। प्रमुख सचिव ने कहा कि पूर्व मंत्री डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ तथा बैतूल के कांग्रेस विधायक निलय डागा सहित 4 विधायकों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद निश्चित रूप से विधानसभा सचिवालय के कर्मचारियों में भय का वातावरण है, परन्तु यदि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक मत होकर सदन का संचालन करना चाहें तो ‘कोरोना महामारीÓ से बचाव के लिए केन्द्र सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन का अक्षरस: पालन किया जाएगा। अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि सभी विधायकों को प्रवेश के पहले ‘गेटÓ में अपना रेपिड टेस्ट कराकर ही प्रवेश करना होगा। उन्होंने बताया कि कल सुबह 9:30 बजे से ही विधानसभा भवन के सभी 6 द्वारों (गेट) पर टेस्टिंग टीम एक-डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टॉफ के साथ मौजूद रहेगी, जिससे विधायकों का मेडिकल चैक के बाद ही सदन में प्रवेश करने दिया जाएगा। प्रमुख सचिव ने बताया कि पूरा सदन सैनेटाइज करा लिया गया है और सदन के संचालन के लिए विधानसभा सचिवालय पूरी तरह तैयार है। जहां तक सवाल है सत्ता पक्ष के अधिकांश मंत्रियों का तो संभवत: पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार की ड्यूटी के पहले वे चाहते हैं कि 2 दिनों में सभी विभागों के बजट पर चर्चा समाप्त कर दी जाए और विधानसभा बजट सत्र को विराम दे दिया जाए, ताकि राजनीति में रूकावट ना हो और जनता का काम आसान हो जाए। लेकिन यह तभी होगा जब विपक्ष सत्ता पक्ष की दलीलों पर बार-बार बहिर्गमन करेगा। लेकिन बहिर्गमन के मुद्दे पर जब विधानसभा बजट सत्र को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस प्रतिनिधि से दूरभाष पर चर्चा की तब कमलनाथ ने कहा कि वे चाहते हैं होली तक सत्र चलना चाहिए, कांग्रेस इसके पक्ष में है। इधर वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा है कि वित्त विभाग की तरफ से पूरी तैयारी है, यदि विपक्ष सदन नहीं चलने देना चाहता तो सत्ता पक्ष के हक में बिजनेस रूल के अनुसार उसे सदन में पास करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। श्री देवड़ा ने यह भी कहा कि कोरोना का बढ़ता प्रकोप भी ध्यान में रखने लायक है, जिन्दगी से खेलकर सत्र चलाया जाए या नहीं, इस पर मुख्यमंत्री जी और नेता प्रतिपक्ष दोनों की सहमति-असहमति को लेकर ही निर्णय किया जाना चाहिए।
कोविड के रोकथाम एवं बचाव के लिए नवीन दिशा-निर्देश जारी
इधर इस प्रतिनिधि से एक साक्षात्कार में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया है कि भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, बालाघाट, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, खण्डवा, खरगौन, बड़वानी, बुरहानपुर, रतलाम एवं उज्जैन में पुलिस तथा नगर निगम के वाहनों से सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, रोको-टोको संबंधी जन-जागरण की सूचनाएँ सतत् रूप से प्रसारित करने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि भोपाल और इंदौर जिलों तथा महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती जिलों बालाघाट, सिवनी, बैतूल, छिंदवाड़ा, खण्डवा, खरगौन, बड़वानी और बुरहानपुर में बंद हॉल में जो भी कार्यक्रम आयोजित हो, उसमें समस्त प्रकार के कार्यक्रमों में क्षमता के 50 प्रतिशत और अधिकतम 200 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे।
महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य
डॉ. राजौरा ने बताया कि महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती समस्त जिलों में आवागमन करने वाले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग को अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र राज्य के सीमावर्ती जिले छिंदवाड़ा, बालाघाट, सिवनी, खण्डवा, खरगौन, बड़वानी, बुरहानपुर और बैतूल में महाराष्ट्र से आने-जाने वाले मालवाहक ट्रकों तथा वाहनों के आवागमन को निर्बाध रखा जायेगा। महाराष्ट्र से आने वाले समस्त यात्रियों को 7 दिन के लिये आवश्यक रूप से क्वारेंटाइन करने की सलाह देने के भी निर्देश दिये गये हैं। इसके लिये नगरीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कड़ाई से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराना होगा
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये प्रदेश के समस्त जिलों में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं दुकानों के संचालनकर्ताओं से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिये गये हैं। पालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों पर जिला प्रशासन वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करेगा। दुकान संचालकों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन रस्सी के माध्यम से या चूने के गोले बनाकर कराना होगा।
जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठकों में होगी समीक्षा
डॉ. राजौरा ने बताया है कि जिलों को क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठकें आयोजित कर कोविड-19 की स्थिति एवं रोकथाम के उपायों की आवश्यक समीक्षा करने के निर्देश दिये गये हैं। जिला क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, रोको-टोको अभियान, कार्यक्रमों के आयोजन, उसमें अधिकतम व्यक्तियों की संख्या और क्वारेंटाइन पीरियड के संबंध में उपयुक्त निर्णय ले सकेंगे। इस विशेष रिपोर्ट का लब्बोलुआब यह है कि नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ जी कह तो रहे हैं कि होली तक सत्र चलाओ परन्तु तह में जाने से पता लगता है कि दो-चार बार बहिर्गमन होगा, मतलब सत्र दो दिन से ज्यादा चलाने का पक्षधर कोई नहीं है, इसलिए यदि 72 घंटे के भीतर बजट सत्र समाप्त हो जाए तो चौंकिएगा मत।
विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।