तो हम जीतेंगे बंगाल


साक्षात्कार
विजय कुमार दास
मो.9617565371

भारतीय लोकतंत्र में पश्चिम बंगाल में होने वाले आम चुनावों से देश की राजनीतिक तस्वीर बदल जायेगी। जिन लोगों को भगवान ‘राम का उपहास करने में मजा आता है, उन्हें पता लग जायेगा कि उन्हीं राम भक्तों ने 2 मई 2021 को ममता सरकार का तख्ता कैसे उखाड़ कर फेंका है। 30 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले राज्य पश्चिम बंगाल में इस बार हिन्दुत्व की लहर यदि चल गई तो हम बंगाल जीत लेंगे, यह बात किसी और ने नहीं, मध्यप्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कल राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि से पश्चिम बंगाल चुनाव प्रचार के लिये रवाना होने से पहले कही। डॉ. नरोत्तम ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार चरम पर, शहर तो छोडिय़े गांव-गांव में आम इंसान की जिन्दगी जानवरों से भी बदतर है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम समुदाय के दबाव और प्रभाव दोनों से आम जनता तनाव पर है और अब वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पश्चिम बंगाल के नये खोज, जिसमें विकास और सुशासन भरा पड़ा है, उसमें उम्मीद और भरोसा दोनों जता रही है। डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो ममता सरकार के संरक्षण में यदि दंगे, फंसाद और हिंसा की आड़ में चुनाव नहीं लड़े गये तो वहां लोकतंत्र स्थापित हो जायेगा और सरकार भाजपा ही बनायेगी। एक सवाल के जवाब में डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 10 वर्षों से लोकतंत्र नहीं ‘लूटतंत्र चल रहा, जिसे वहां की जनता पूरी ताकत से समाप्त करना चाहती है। केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 57 संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों की जवाबदारी सौंप रखी है, जहां वे मुस्तैदी से डटे हुये हैं। डॉ. नरोत्तम मिश्रा का दावा है कि इस दफे पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार को कोई नहीं रोक पायेगा, क्योंकि प्रधानमंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री का जादू चल पड़ा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के कोने-कोने में मोदी-मोदी के नारे गंूजने लगे हैं। एक प्रश्न के जवाब में डॉ. नरोत्तम ने कहा कि सांसद असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाले संगठन एआईएमआईएम का चुनाव लडऩा भाजपा के हित में है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ओवैसी की पार्टी को पश्चिम बंगाल में कोई खास सफलता नहीं मिलेगी। रहा सवाल ममता बनर्जी का तो डॉ. नरोत्तम का मानना है कि दीदी की ढोल में पोल बहुत है और सारे पोल खुल गये हैं, इसलिये दीदी को अबकी बार विपक्ष में ही बैठना पड़ेगा।
साक्षात्कार के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।