एक पूर्व मंत्री ने कहा – कमलनाथ और सिंधिया दोनों रोड शो का आयोजन कैंसिल करें…

मध्यप्रदेश में दमोह विधानसभा उपचुनाव को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्टी दोनों दलों के विधायकों में अजीब-सी बेचैनी है। कोई विधायक नहीं चाहता कि चुनाव के नाम पर भीड़ जुटाई जाए और कोरोना संक्रमण के महामारी से जूझती हुई आज जनता की जिन्दगी को खतरे में डाला जाए। इसी अवधारणा को लेकर एक पूर्व मंत्री ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि दमोह विधानसभा क्षेत्र में ही कोरोना मरीजों की संख्या हजारों में होगी, लेकिन यह बात न तो पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ जी को समझ में आती है और न ही महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया को ही समझ में आ रही है। उक्त पूर्व मंत्री ने कहा कि इन दोनों नेताओं के रोड शो में कम से कम 10-15 हजार लोग घर से निकलेंगे, आपस में मिलेंगे, कोरोना प्रोटोकाल की धज्जियां उड़ाएंगे और पोलिंग बूथ स्तर तक कोरोना फैलाएंगे। उक्त पूर्व मंत्री आगे कहत हैं यह उनका व्यक्तिगत विचार है कि सिंधिया हों या कमलनाथ, प्रशासन का सिरदर्द जबरदस्ती न बढ़ाएं। मतदाताओं की जिंदगी खतरे में न डालें, रोज मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखते हैं कभी किसी काम से या तो किसी काम पर तो एक चिट्ठी दमोह विधानसभा मतदाताओं के नाम क्यों नहीं लिख सकते। उक्त पूर्व मंत्री ने आगे कहा – चिट्ठी पर मतदाताओं से अपील कोरोना फैलाने से बचाव का सबसे बढिय़ा तरीका है, इसे दोनों नेताओं को अपनाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि बेहतर होगा कमलनाथ और सिंधिया रोड शो निरस्त करें। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या पूर्व मंत्री पीसी शर्मा से संबंधित नहीं है। – खबरची