कोरोना काल में कलेक्टर बन गया तो मैं …

मध्यप्रदेश में युवा आईएएस अधिकारियों की कलेक्टर बनने की होड़ अब लगभग समाप्त हो गई है। फिलहाल कोई घर से नहीं निकलना चाहता, कलेक्टर बनकर जाना तो दूर की बात है। लेकिन इस बीच एक युवा आईएएस अधिकारी ने इच्छा जाहिर की है कि उनकी ईमानदारी पर किसी को शक न हो तो कोरोना महामारी से निपटने वाले किसी असफल जिला कलेक्टर के जिले में उन्हें कलेक्टर बना कर भेजा जाये। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय में इस तरह की दावेदारियां कई युवा आईएएस अधिकारी अपने दोस्तों से करने लगे हैं। 2012 बैच के एक युवा आईएएस अधिकारी के बारे में कहा जाता है कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने के लिये तैयार हैं, बशर्ते उन्हें मौका मिले। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या युवा आईएएस अधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी से संबंधित नहीं है। -खबरची