30 मई तक ‘बैतूल जिले’ को कोरोना मुक्त करने का संकल्प : कमल पटेल

कोरोना से मृत व्यक्ति का सम्मान पूर्वक प्रोटोकाल के साथ हो अंतिम संस्कार

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास
मो.9617565371


कृषि मंत्री कमल पटेल लगातार अपने कोविड प्रभार वाले जिलों के साथ ग्राम पंचायात स्तर पर संपर्क कर रहे है। उन्होंने बैतूल जिले की पंचयातवार समीक्षा की। इसके पहले पिछले दो दिनों से होशंगाबाद और हरदा जिले में गांव-गांव तक कोरोना संक्रमण रोकने की चिंता में कमल पटेल निर्णायक बैठक ले चुके हैं। उन्होंने आज बैतूल जिले की आमला, बैतूल जनपद, मुलताई, भैंसदेहि, शाहपुर, घोडाडोंगरी, भीमपुर, चिचोली, आठनेर और प्रभातपट्टन जनपदों के सीईओ से सीधा संवाद किया और ग्राम पंचायत स्तर पर हर गांव की स्थिति पर चर्चा की जिसमे ग्राम के हर घर का सर्वे , मरीजों की संख्या, मेडिकल किट के वितरण की स्थित की विस्तार से जानकारी ली। पटेल के अनुसारजनपद के सीईओ को साफ तौर पर निर्देश दिया कि घर घर का सर्वे अब एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है, इससे मिलने वाली सटीक जानकारी के आधार पर ही इस संक्रमण को रोकने के रणनीति में बदलाव या सुधार किया जा सकता है अत: इसे गम्भीरता पूर्वक करें। कमल पटेल ने कहा है कि हर हाल में 30 मई तक बैतूल जिला कोरोना मुक्त हो जाए इसका संकल्प लेना चाहिए।
कांग्रेस ने भी कमल पटेल की पीठ थप-थपाई
पूर्व केबिनेट मंत्री और मुलताई से विधायक सुखदेव पांसे हुए कमल पटेल के कोरोना मुक्त अभियान से अपने आपको जोड़ लिया है और कमल पटेल से खुश उनकी पीठ थप-थपाई है। बैतूल जिले की कोविड समीक्षा बैठक में मुलताई से विधायक और कमलनाथ मंत्री मंडल में कैबिनेट मंत्री रहे सुखदेव पांसे ने बैतूल जिले की कोरोना समीक्षा बैठक में स्वीकारा की मंत्री कमल पटेल के प्रभार में कोविड संक्रमण की स्थिति बहुत बढिय़ा है चाहे ऑक्सीजन की सप्लाई हो या रेमडेसिविर इंजेक्शन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, यहां काला बजारी नहीं है। विदित हो कि कमल पटेल ने कल वरचुअल बैठेक में सभी विधायकों और जनप्रतिनिधियों को ससम्मान न्यौता दिया था। पटेल ने इस बैठक में आव्हान किया था कि इस संकट के समय राजनैतिक विचारधारा से ऊपर उठकर जनता के लिए काम करने की जरूरत है। इस बैठक में कमल पटेल ने गैर भाजपाई विधायकों को उनकी विधान सभा के कोविड नियंत्रण कार्यक्रम में खुलकर अपनी जिम्मेदारी निभाने का आव्हान किया है और हर आवश्यक उपकरण, दवा, ऑक्सीजन भरपूर मात्रा में उपलब्ध कराने का ठोस आश्वासन भी दिया है। कमल पटेल ने अपने संवाद में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान उन पंचायत सचिवों से सीधा संवाद किया जहां कोविड के मरीजों की संख्या ज्यादा है। अपनी बातचीत के आधार पर उन्होंने जनपद सीईओ, नोडल अधिकारी और जिला कलेक्टर को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिये। इस बुरे से बुरे दौर में कृषि मंत्री के रूप में हर गांव हर घर के लिए कमल पटेल की चिंता और जीवन बचाने में उनकी मेहनत बेमिशाल है। कमल पटेल ने बैतूल जिले की 496 ग्राम पंचायतों में आने वाले 1457 ग्रामो में कोविड संक्रमण का जायजा लिया। मंत्री पटेल ने 1457 ग्रामों में सबसे ज्यादा प्रभावित ग्रामों के लिए एक्शन प्लान के लिए जिलाधीश को निर्देश दिए वही महत्वपूर्ण यह भी है कि कोरोना से हुये मृतकों के सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार के लिए विशेष निर्देश दिए, जब उन्हें पता चला कि गांव में बेचारे शवों के अंतिम संस्कार के लिए भयंकर परेशानी से गुजर रहे है। इस विशेष रिपोर्ट का लब्बोलुआब यह है कि शिवराज सरकार के मंत्रियों ने अहसास कर लिया है कि कोरोना की तीसरी लहर गांव में ही कोहराम सबसे ज्यादा मचाने वाली है इसलिए गांव-गांव मंत्री घूमने लगे है।
विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।