मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना होगी शुरू : शिवराज सभी पात्रों को मिलेगा योजना का लाभ

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज मंत्रि परिषद की वर्चुअन बैठक में मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना का अनुमोदन दिया गया। मंत्रि परिषद ने सैनिक स्कूल सोसायटी नई दिल्ली को सैनिक स्कूल की स्थापना करने के लिये ग्राम मालनपुर जिला भिण्ड की शासकीय 20.95 हेक्टेयर भूमि शून्य प्रब्याजि तथा 1 रूपये वार्षिक भू-भाटक निर्धारित कर आवंटित करने का निर्णय लिया। मंत्रि परिषद ने वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक राज्य में डीएपी, काम्प्लेक्स, पोटाश एवं यूरिया उर्वरकों की व्यवस्था के लिये मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ को राज्य की नोडल एजेंसी घोषित करने एवं मार्कफेड के माध्यम से प्रदेश में आवश्कतानुसार उर्वरकों की निर्धारित मात्रा की व्यवस्था के लिये अग्रिम भण्डारण करने का निर्णय लिया। इसके लिये वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक मार्कफेड को प्रत्येक वर्ष राज्य शासन द्वारा मार्कफेड के प्रस्ताव अनुसार 600 करोड़ रुपये की नि:शुल्क शासकीय प्रत्याभूति स्वीकृत करने का निर्णय लिया।
मंत्रि परिषद ने भारत सरकार सहायतित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर एक्सटेशन-आत्मा अंतर्गत प्रदेश में कृषक मित्र चयन के लिये न्यूनतम आयु सीमा 40 वर्ष के स्थान पर 25 वर्ष करने का निर्णय लिया। मंत्रि परिषद ने राज्य/जिला सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंकों (भूमि विकास बैंक) के संविलियन के लिये शेष रहे सेवायुक्तों के सविलियन की कार्यवाही पूरी करने के लिये पूर्व में लागू संविलियन योजना की अवधि 30 जून, 2021 तक बढ़ाये जाने का निर्णय लिया है। मंत्रि परिषद ने नर्मदा बेसिन प्रोजेक्टस कम्पनी लिमिटेड को वित्त वर्ष 2020-21 में द्वितीय अनुपूरक में आवंटित की गयी राशि रु 1500 करोड़ तक के इक्विटी शेयर जारी कराये जाने के संबंध में नर्मदा घाटी विकास विभाग द्वारा जारी किये गये आदेश का अनुसमर्थन किया। मंत्रि परिषद ने सहकारिता विभाग द्वारा सोयाबीन प्र-संस्करण प्लांट पचामा जिला सीहोर स्थित औद्योगिक परिसंपत्ति पर स्थापित प्लांट एवं मशीनरी को स्क्रेप के रूप में निर्वर्तन किये जाने के लिये जारी निविदा में ॥-1 द्वारा निविदा बोली मूल्य राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के उपरांत अनुबंध के निष्पादन की कार्यवाही मध्यप्रदेश राज्य तिलहन उत्पादक सहकारी संघ के परिसमापक संयुक्त आयुक्त सहकारिता द्वारा किया जाने का निर्णय लिया।
मंत्रि परिषद ने राजस्व विभाग की कॉस्मो आनन्द, सिरोल, जिला ग्वालियर स्थित 5 भू-खण्ड पार्सलों के निर्वर्तन के लिये निविदाकारों की वित्तीय निविदा राशि एवं ई-नीलामी में लगाई गई राशि को उच्चतम पाये जाने से ॥-1 निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य राशि का अनुमोदन करते हुए निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के उपरांत अनुबंध के निष्पादन की कार्यवाही जिला कलेक्टर द्वारा किये जाने कानिर्णय लिया।
मंत्रि परिषद ने राजस्व विभाग की अल्फा नगर कॉलोनी, ग्राम मेहरा, वार्ड न.-7 जिला ग्वालियर स्थित परिसंपत्ति के निर्वर्तन के लिये जारी निविदा में निविदाकारों की वित्तीय निविदा राशि एवं ई-नीलामी में लगाई गई बोली राशि को उच्चतम पाये जाने से ॥-1 निविदाकार द्वारा निविदा बोली मूल्य राशि का 100 प्रतिशत जमा करने के उपरांत अनुबंध के निष्पादन की कार्यवाही जिला

कलेक्टर द्वारा किये जाने का निर्णय लिया।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा है कि प्रदेश में कोरोना संक्रमण निरंतर नियंत्रण में आ रहा है। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिविटी रेट 25प्रतिशत तक पहुँच गई थी, जो लगातार कम हो रही है। अब यह घट कर 14.78प्रतिशत हो गई है। आज कोरोना के नए प्रकरण 9754 आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री कोविड कल्याण योजना में प्रदेश की अधिकांश जनसंख्या (88प्रतिशत) कवर हो रही है। केवल उच्च वर्ग छूटा है। इस योजना का सभी जिलों में लाभ दिलाया जाना सुनिश्चित किया जाए। श्री चौहान आज निवास से वीडियो कॉन्फें्रसिंग के माध्यम से केबिनेट की बैठक की कार्रवाई के पूर्व संबोधित कर रहे थे। बैठक में संबंधित मंत्री और अधिकारी वीडियो कॉन्फें्रसिंग से शामिल हुए। केबिनेट बैठक का प्रारंभ वंदे-मातरम् गायन के साथ हुआ। इसके बाद दिवंगत विधायक जुगल किशोर बागरी, बृजेन्द्र सिंह राठौर एवं श्रीमती कलावती भूरिया को श्रद्धांजलि दी गई और 2 मिनिट का मौन रखा गया

गरीबों को 5 माह का नि:शुल्क राशन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर वर्ग के हर गरीब को 5 माह का नि:शुल्क उचित मूल्य राशन दिया जा रहा है, जिसमें से 3 माह का राशन राज्य सरकार द्वारा तथा 2 माह का केन्द्र सरकार द्वारा दिया जा रहा है। इसके लिए पात्रता-पर्ची, अंगूठे के निशान, आधार लिंकेज आदि की आवश्यकता नहीं है। हर गरीब को यह राशन मिले, यह सुनिश्चित किया जाए।

तीसरी लहर की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश कोरोना की तीसरी लहर के प्रति भी पूर्ण रूप से सचेत है तथा उसके लिए स्वास्थ्य अधोसंरचना तथा स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। कोरोना इलाज के साइड इफैक्ट ब्लैक फंगस के इलाज के लिए भी व्यवस्थाएँ की गई हैं।

गेहूँ उपार्जन के लिए बधाई
श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संकट काल में भी अभी तक 1 करोड़ मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन कर लिया गया है। इसके लिए सहकारिता एवं खाद्य विभाग बधाई के पात्र हैं। सरकार चमक विहीन गेहूँ का भी क्रय कर रही है। गत वर्ष के चमक विहीन गेहूँ की खरीदी का 31 करोड़ 19 लाख रूपए का व्यय राज्य शासन द्वारा वहन किया गया है।

जन-सहयोग से कोरोना संक्रमण को रोकने में सफल होंगे : चौहान
ब्लॉक, ग्राम एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तरीय संकट प्रबंधन समूहों के गठन के निर्देश
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने सामाजिक सहभागिता से कोरोना महामारी की रोकथाम और बचाव के लिए शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में युद्धस्तर पर लगातार सभी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पॉजिटिविटी रेट लगातार घट रही है। जो 3 मई को घट कर 20.2 प्रतिशत हुई और आज 11 मई को घट कर 14.78 प्रतिशत हो गई है। यह सफलता शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण रोकने की तीन स्तरीय रणनीति की वजह से मिल रही है। कोरोना वायरस के रोकथाम एवं बचाव के लिए जिला संकट प्रबंधन समूह के अतिरिक्त ब्लॉक और ग्राम स्तरीय तथा नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तरीय संकट प्रबंधन समूहों के गठन किए जाने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन समूहों द्वारा ब्लॉक, ग्राम और वार्ड स्तर पर आपात स्थिति के नियंत्रण के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देश के क्रियान्वयन तथा महामारी की रोकथाम के लिए सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के समस्त आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नि:शुल्क कोविड उपचार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार संकल्पबद्ध है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना लागू की गई है। इस योजना में आयुष्मान कार्डधारी परिवारों का नि:शुल्क कोविड उपचार करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए हैं। कोविड-19 का उपचार करने वाले 603 निजी चिकित्सालयों में से 188 निजी चिकित्सालय आयुष्मान योजना से पहले से ही समद्ध है। 10 मई तक निजी चिकित्सालयों के आयुष्मान से सम्बद्ध होने के लिए 294 आवेदन प्राप्त हो चुके है, जिसमें से 106 निजी चिकित्सालयों को सम्बद्ध किया जा चुका है। कोविड-19 के उपचार से संबंधित कुछ निजी चिकित्सालयों में कोविड उपचार के निर्धारित प्रोटोकॉल एवं मापदंडों का उल्लंघन होने पर उन चिकित्सालयों के विरुद्ध कठोर कार्रावाई भी की जा रही है। कार्रवाई के 97 प्रकरणों में 28 लाख 11 हजार रुपये जुर्माना, 36 प्रकरणों में नोटिस, दो प्रकरणों में लायसेंस का निलम्बन किया गया और 36 प्रकरणों में एफआईआर पंजीकृत करायी गई है।
किल-कोरोना अभियान के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र में 10 मई को 26 हजार 611 कोरोना संक्रमण के संदिग्ध व्यक्तियों की सुपरवाईजरी टीम द्वारा जाँच की गई, जिसमें से 899 व्यक्तियों को कोविड केयर सेंटर में रेफर किया गया है। तीन हजार 273 कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों को फीवर क्लीनिक रेफर किया गया है। साथ ही 22 हजार 439 मेडिकल किट का वितरण किया गया। शहरी क्षेत्र में किल कोरोना अभियान के तहत प्रदेश में 10 मई को 6,227 कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर 6,096 व्यक्तियों को मेडिकल किट प्रदाय की गई और 937 कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों को फीवर क्लीनिक रेफर किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में कोविड केसेस के आधार पर 200 नई कोविड एम्बुलेंस की तैनाती की गई है। ऑपरेशन थियेटर और वेन्टिलेटर ऑपरेशन के लिए 3476 तकनीकी स्टाफ की स्वीकृति प्रदान की गई है।
कोरोना वॉलेंटियर्स सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कोविड नियंत्रण में जन-जागरण के कार्यों में अहम योगदान दे रहे हैं। प्रदेश भर में कोरोना वॉलेंटियर्स की संख्या अब 1 लाख 12 हजार 506 से भी अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारी के लक्षणों को छुपाएँ नहीं। सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर भ्रम नहीं रखें। चिकित्सक की सलाह लेकर दवा लें। उन्होंने कहा कि कोरोना एक संक्रामक बीमारी है। इससे सरकार और सामाज मिलकर ही मुकाबला कर सकते हैं। समाज का उचित व्यवहार, रोकथाम और बचाव के उपायों को कड़ाई से अपनाकर ही कोविड-19 से बचा जा सकता है। उचित मास्क लगाएँ, आपस में पर्याप्त दूरी बनाकर रखें। भीड़ वाले स्थानों में नहीं जाएँ। बार-बार साबुन से हाथ धोते रहें।
श्री चौहान ने कहा कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका वैज्ञानिकों द्वारा जाहिर की गई है। प्रदेश में अधिकारियों की टीम, विशेषज्ञों और चिकित्सकों से लगातार चर्चा कर रही है। इसकी रोकथाम और बचाव के लिए अग्रिम रूप से हर संभव उपाय किए जाएंगे। बच्चों को सुरक्षित रखने का हर संभव प्रयास होगा। तीसरी लहर का आंकलन कर उचित फैसले लिए जायेंगे।