विधायकी हार गये लेकिन जजबा सांसद बनने का बरकरार…

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में महापौर रहे, फिर विधायक बने और भारी भरकम मंत्री भी बन गये लेकिन इस बार कार्यकर्ताओं ने साथ नहीं दिया तो साहब 2018 में विधायकी हार चुके हैं। बताते हैं उक्त राज नेता कोरोना काल में फिट रहने के योगा से लेकर बाबा राम देव के सभी उपाय रोज घर पर ही करते हैँ, किसी से ज्यादा मिलते जुलते भी नहीं हैं। परंतु भाजपा का एक वर्ग ऐसा है जो यह मानता है कि साहब विधायकी हार गये तो क्या हुआ सांसद बनने का जजबा जरूर पाल रखा। उक्त नेता के संबंध में भाजपा के एक कार्यकर्ता ने नाम नहीं छापने की शर्ता पर कहा भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर हार नहीं मानने वाली। आर.एस.एस. कोटे से सांसद बनी प्रज्ञा ठाकुर का संघ कार्यालय नागपुर में मजबूत रिश्ता है इसलिए ख्याली पुलाव तो भाजपा में कोई भी खा सकता है। ख्याली पुलाव खाने में रोक नहीं है, परंतु साध्वी को हटाकर भोपाल की सांसद बनना एक टेड़ी खीर है- फिर भी किसी को ऐसा सोचने या स्वप्न देखने से कौन रोक सकता है। उल्लेखनीय उपरोक्त वाक्या पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता से संबंधित नहीं है।
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