केंद्र ने अनलॉक के लिए राज्यों को दिए दो अहम सुझाव- संक्रमण दर 5% से कम और 70% वैक्सीनेशन

केंद्र ने अनलॉक के लिए राज्यों को दिए दो अहम सुझाव- संक्रमण दर 5% से कम और 70% वैक्सीनेशन

सभी राज्य सरकारों को दो बातों का ख्याल रखने की सलाह दी गई है. पिछले 17 दिनों से लगातार कोरोना के मामलों में कमी आ रही है. अब 239 जिलों में संक्रमण की दर 10 फीसदी से कम रह गई है.

नई दिल्ली: कोरोना के मामलों में लगातार हो रही कमी के चलते अब दिल्ली समेत कई राज्यों में लॉकडाउन में ढील दिए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है. अनलॉक की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू कर दी गई है. इस बीच केंद्र ने राज्य सरकारों से इस मामले में जल्दबाजी नहीं करने की सलाह दी है.

मंगलवार को कोरोना पर होने वाली स्वास्थ्य मंत्रालय की नियमित प्रेस कांफ्रेंस में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने सभी राज्य सरकारों को चेताया है. भार्गव ने कहा कि कोरोना के मामलों में आई कमी से ये नहीं समझा जाना चाहिए कि वायरस खत्म हो गया. भार्गव के मुताबिक, लॉकडाउन के चलते वायरस को जबरदस्ती दबा कर रखा गया है. इसलिए अनलॉक करने के पहले राज्यों को बीमारी रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम करने और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाने की सलाह दी गई है.

दो बातों का ख्याल रखने की सलाह
अनलॉक करने के पहले डॉ बलराम भार्गव ने सभी राज्य सरकारों को दो बातों का ख्याल रखने की सलाह दी है. पहला उन जिलों में लॉकडाउन में ढील दी जानी चाहिए जहां संक्रमण दर 5 फीसदी से कम हो गई हो. दूसरे, जिन जिलों में ऐसे कम से कम 70 फीसदी लोगों को वैक्सीन लगा दी गई हो जिनकी उम्र 60 साल या 45 साल से ज्यादा हो और उन्हें कोई गंभीर बीमारी हो. डॉ भार्गव ने इन दो लक्ष्यों को पूरा करने के बाद ही लॉकडाउन में ढील देने की सलाह दी है.

हालांकि सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 17 दिनों से लगातार कोरोना के मामलों में कमी आ रही है. डॉ भार्गव के मुताबिक, अप्रैल के पहले हफ्ते में ऐसे जिलों की संख्या 200 से भी कम थी जिनमें कोरोना संक्रमण दर 10 फीसदी से कम थी. लेकिन अप्रैल के आखिरी हफ्ते में ऐसे जिलों की 600 से भी ज्यादा हो गई थी. अब ऐसे जिलों की संख्या 239 रह गई है.