कारपोरेट कार्य मंत्रालय और फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया ने दोनों संगठनों के बीच डाटा के आदान प्रदान के लिए एमओयू किया

कारपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) और वित्त मंत्रालय की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट-इंडिया के बीच आज एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ। इसके माध्यम से दोनों संगठनों के बीच डाटा के आदान प्रदान का रास्ता साफ हो गया है। संयुक्त सचिव, एमसीए श्री मनोज पांडे और एफआईयू-इंडिया में अतिरिक्त निदेशक श्री मनोज कौशिक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सचिव, एमसीए और निदेशक (एफआईयू-इंडिया) भी उपस्थित रहे।

यह एमओयू एमसीए और एफआईयू-इंडिया के प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने के लिए डाटा क्षमताओं के उपयोग के विजन को ध्यान में रखते हुए किया गया है। एमसीए21 वर्जन 3 और फिननेट 2.0 के विकास को ध्यान में रखते हुए डाटा शेयरिंग व्यवस्था खासी फायदेमंद होगी, जिसमें उनके नियामकीय और सुविधा संबंधी कार्यों में सुधार के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। एमसीए चरणबद्ध तरीके से एमसीए21 वर्जन 3 को लागू करने की प्रक्रिया में है। एफआईयू-इंडिया मौजूदा फिननेट 1.0 से फिननेट 2.0 में अपग्रेडिंग की प्रक्रिया में है।

फिननेट 2.0 परियोजना का राष्ट्रीय महत्व है और बेहतर स्ट्रैटजिक डाटा एनालिसिस क्षमताओं और अन्य पहलुओं के साथ आईटी प्रक्रियों को सुगम बनाने के लिए एआई/ एमएल और एडवांस डाटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल करते हुए उन्नत और अतिरिक्त खूबियों के साथ मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य संबंधित अपराधों से निपटने के उद्देश्य से वित्तीय सूचनाओं के संग्रह, विश्लेषण और प्रसार के लिए एफआईयू-आईएनडी का सहायता करता है।

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चित्र में (दायें से बायें) : संयुक्त सचिव, एमसीए श्री मनोज पांडे, सचिव, एमसीए श्री राजेश वर्मा, निदेशक, एफआईयू-इंडिया श्री पंकज कुमार मिश्रा और अतिरिक्त निदेशक, एफआईयू-इंडिया श्री मनोज कौशिक।

एमओयू से स्वचालित और नियमित आधार पर एमसीए और एफआईयू-इंडिया के बीच डाटा और सूचना साझा करना सुनिश्चित होगा। इससे संदिग्ध लेनदेनों से संबंधित सूचना, केवाईसी से जुड़ी जानकारियां और देश में पंजीकृत कंपनियों के समेकित वित्तीय नतीजों जैसी विशेष जानकारियां साझा हो सकेंगी। एमओयू से एमसीए और एफआईयू-इंडिया दोनों के बीच नियामकीय उद्देश्यों से एक निर्बाध लिंकेज सुनिश्चित होगा। डाटा के नियमित आदान प्रदान के अलावा, एमसीए और एफआईयू-इंडिया अनुरोध पर अपने संबंधित डाटाबेस में उपलब्ध किसी भी सूचना का आदान प्रदान करेंगे। इसका उद्देश्य छानबीन, निरीक्षण, जांच और अभियोग होगा।

सरकार के न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन के विजन को पूरा करने में आगे तकनीक और डाटा अहम भूमिका निभाएंगे और इस विजन को पूरा करने के लिए एमसीए और एफआईयू-इंडिया अच्छी स्थिति में हैं।

एमओयू हस्ताक्षर की तारीख से ही प्रभावी हो गया है और एमसीए व एफआईयू-इंडिया की जारी रहने वाली पहल है। दोनों पहले से ही विभिन्न मौजूदा तंत्रों में सहयोग कर रहे हैं। इस पहल के लिए एक डाटा एक्सचेंज स्टीयरिंग ग्रुप बना दिया गया है, जो डाटा एक्सचेंज की स्थिति की समीक्षा के लिए समय-समय पर बैठक करेगा और डाटा शेयरिंग व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाएगा। एमओयू दोनों संगठनों के बीच सहयोग और तालमेल के एक नए युग की शुरुआत की दिशा में एक कदम है।