धार्मिक नगरी में देवदर्शन से हुई नववर्ष 2022 की शुरूआत

श्री महाकालेश्वर मंदिर मे लाखो श्रद्धालुओ ने किए दर्शन
उज्जैन
श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर मे नववर्ष 2022 के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भोलेनाथ के दर्शन और आशीर्वाद लेने पहुंचे। सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइन लगी थी। कोरोना प्रोटोकाल के तहत श्रद्धालुओं को मास्क पहनना अनिवार्य था। मंदिर मे दर्शन के लिए प्रदेश के बाहर से भी श्रद्धालु पहुंचे हैं। उज्जैन के हरसिद्धी मंदिर, गढक़ालिका मंदिर, मंगलनाथ मंदिर और कालभैरव मंदिर मे भी नववर्ष के पहले दिन श्रद्धालुओ ने दर्शन किए।
नए साल के पहले दिन बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए पूरे देश से श्रद्धालु पहुंचे। सुबह 6 बजे मंदिर के दरवाजे आम श्रद्धालुओं के लिए खोले गए। जहॉ कुछ घंटो मे ही लाखो श्रद्धालुओ ने दर्शन किए। अलसुबह भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। इस दौरान गर्भगृह को फूलो से सजाया गया और नंदी हॉल को भी फूलो से सजाया गया। भांग से भगवान महाकाल के चेहरे को आकृति दी गई और ड्रायफ्रूट का भी इस्तेमाल किया। भगवान के शिखर पर फूलों से जटाएं बनाई गईं। और शिखर पर रुद्राक्ष की मालाएं पहनाईं। भगवान को नए वस्त्र पहनाए। उन्हें अलग-अलग रंगों की दुशालाएं भी पहनाईं। भस्म आरती के बाद भगवान को मिष्ठान का भोग लगाया।
महाकाल मे कोविड गाइडलाइन का पालन नही
मंदिर समिति के अध्यक्ष और जिला कलेक्टर आशीष सिंह के कहने के बाद भी मंदिर प्रशासन नहीं जागा। देश और उज्जैन में लगातार बढ़ रहे कोरोना के मरीजों के कारण कलेक्टर ने मंदिर समिति प्रशासक गणेश धाकड़ को मंदिर में कोविड गाइडलाइन के पालन कराने के निर्देश दिये थे। लेकिन इसके बाद भी मंदिर में किसी तरह के इंतजाम नहीं किये गए।
लाखो की संख्या में मंदिर पहुंचे श्रद्धालु एक-दूसरे से सट कर चल रहे थे। अधिकांश ने मास्क भी नहीं लगाया था। मंदिर समिति की ओर से ना तो हैंड सेनेटाइजर रखे गए थे ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने का निर्देश देने के लिए कोई कर्मचारी मौजूद था।
स्वर्ण मंदिर मे विराजी माता चामुंडा, हरसिद्धि मे सजी दीपमालिका
चामुंडा चौराहा स्थित श्री क्षत्रेश्वरी चामुंडा माता मंदिर मे नए साल के पहले दिन छप्पन भोग मनोरथ हुआ। भक्तों को स्वर्ण महल मे विराजित माता चामुंडा के दर्शन हुए। मंदिर मे आकर्षक विद्युत व वस्त्र सज्जा की गई है। श्रद्धालुओ को नए साल मे महाप्रसादी का वितरण किया गया। भक्त छप्पन भोग दर्शन कर सकेंगे।
वही देश के 52 शक्तिपीठो मे से एक शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर मे सुबह माता हरसिद्धि का अभिषेक पूजन हुआ। शाम को भक्तों के सहयोग से दीपमालिका सजाई गई। जिसके दर्शनो के लिए बड़ी संख्या में भक्तजन मंदिर पहुॅचे।
चिंतामन के दरबार से हुई नए साल की शुरूआत
धर्मधानी मे नगरवासियो ने हिंदू धर्म परंपरा से नया साल मनाया। नगरवासियो ने नववर्ष की शुरूआत चिंतामन गणेश के दरबार से की। चिंतामन गणेश मंदिर के पुजारी पं. गणेश गुरु व पुजारी पं. राहुल गुरू ने बताया कि हर शुभ कार्य की शुरूआत गजानंद गणपति की पूजन के साथ होती है। नए साल की शुरूआत भी भक्तो ने चिंतामन गणेश के दर्शन के साथ की। नए साल के पहले दिन तडक़े 4 बजे मंदिर के पट खुले पश्चात चिंतामन गणेश का पंचामृत अभिषेक पूजन कर पूर्णस्वरूप में आकर्षक श्रृंगार किया गया। इसके बाद महाप्रसादी का भोग लगाकर आरती की गई। दिन विशेष के लिए मंदिर के गर्भगृह में नारियल व प्राकृतिक फूलों से विशेष सजावट की गई। अलसुबह से रात 10 बजे तक भक्तों को चिंतामन गणेश के दर्शन हए।