संस्कार पवित्र होंगे तभी धर्म सार्थक होगा : डॉ वसंतविजयजी

नववर्ष पर शिव महिमा का नाट्य मंचन, लक्की ड्रा के माध्यम से सोना-चांदी सहित अनेक उपहारों का हुआ वितरण

सप्त दिवसीय शिव महापुराण कथा व विशाल भंडारे का समापन, थॉट योगा पर हुआ लाईव
पीथमपुर
कृष्णगिरी शक्तिपीठाधिपति, राष्ट्रसंत, सर्वधर्म दिवाकर, पूज्य गुरुदेवश्रीजी डॉ वसंतविजयजी म.सा. की पावन मिश्रा में नव वर्ष के उपलक्ष में शिव महिमा की अभिनव नाट्य प्रस्तुति यहां हुई। इस दौरान उज्जैन के अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनेक कलाकारों ने जगरुप सिंह चौहान के निर्देशन में भगवान शिव के विवाह प्रसंग को मंचित किया। यहां बेटमा के समीप ओरंगपूरा गांव के बुंदेलखंड ढाणी में पहली बार सिद्धि सम्राट, संतश्रीजी डॉ वसंतविजयजी म.सा. के सान्निध्य में सप्त दिवसीय श्री पार्श्व प्रभु के जन्म कल्याणक एवं शिव महापुराण कथा वाचन शनिवार को सम्पन्न हुआ। गुरुदेवश्रीजी के सान्निध्य में ही इस दौरान हजारों घी के दीपकों की विशाल दीप मालाओं के साथ भगवान शिव महाकाल की आरती की गईं। कथावाचक वृंदावन के नरोत्तम शास्त्रीजी द्वारा संगीतमय भजनों के साथ विविध प्रसंगों में भगवान शिव की महिमा का उल्लेख किया गया। दौराने कार्यक्रम करीब 21 भाग्यशाली श्रद्धालुओं को उपहार एवं सोने-चांदी के सिक्के भी प्रदान किये गए। इस अवसर पर पूज्य गुरुदेवश्रीजी डॉ वसंतविजयजी म.सा. ने अपने संबोधन में कहा कि संस्कारी व्यक्ति ही धर्मात्मा हो सकता है। वे बोले संत धर्म के प्रति समर्पित होते हैं, जीवन में संत संगत होनी चाहिए। ईश्वर की ताकत सिर्फ गुरु ही दिला सकते हैं। उन्होंने कहा कि संस्कार पवित्र होंगे तभी धर्म सार्थक होगा। संतश्रीजी ने कहा कि व्यक्ति को रिश्ते नाते कुल परिवार मिल जाता है, मगर गुरु उसके पुण्य व भाग्य से ही मिलते हैं। माता-पिता व गुरु के प्रति अनन्य श्रद्धा एवं विश्वास रखने की सीख देते हुए संतश्रीजी ने यह भी कहा कि आगामी वर्ष 2022 प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में निश्चित ही सुख समृद्धि प्रदायक उल्लास लाएगा, इसके लिए यह विश्वास जरुरी है कि ईश्वर मेरे हैं, इस बात को महत्व देंगे अभी जीवन में कल्याण होगा। कार्यक्रम में अपनी चमत्कारिक महामांगलिक में राष्ट्रसंत डॉ वसंतविजयजी म.सा. ने जन समुदाय के ग्रह नक्षत्र की प्रसन्नता, वास्तु दोष निवारण के मंत्र उच्चारित करते हुए दरिद्रता के दमन, रोग नाश, ऐश्वर्य समृद्धि, पितृ दोष निवारण व हर परिवार-समाज में एकता तथा जगत कल्याण की कामना की। इस मौके पर संतश्रीजी व कथावाचक शास्त्रीजी का सत्कार भी गांव के मुखिया द्वारा किया गया। इससे पूर्व राष्ट्रीय कवि शशिकांत यादव ने भी हास्य सहित अनेक मुद्दों को काव्य पाठ के माध्यम से प्रस्तुत किया। आनंद कंधारी के निर्देशन में मां काली के नृत्य प्रस्तुति ने भी वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण डॉ वसंतविजयजी म.सा. के अधिकृत यू ट्यूब चैनल थॉट योगा से लाइव किया गया। उपस्थित सभी हजारों श्रद्धालुओं को चॉकलेट व विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण कर आया गया। आयोजन से जुड़े अभय बागरेचा ने सभी का आभार जताया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।