100 करोड़ का वल्र्ड क्लास ‘मीडिया-सेंटर’ बनेगा कब…?

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विधानसभा चुनाव 2018 के पहले दो घोषणाएं की थी। जिसमें पहली घोषणा सेन्ट्रल प्रेस क्लब को जो वर्तमान में सेन्ट्रल इंडिया प्रेस क्लब पब्लिक ट्रस्ट है को बी-टाईप का शासकीय आवास देने का आदेश था तथा दूसरा मालवीय नगर स्थित पत्रकार भवन को वल्र्ड क्लास मीडिया सेंटर बनाने के लिए 100 करोड़ के बजट का प्रावधान करना प्रमुख था। लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि 100 करोड़ का वल्र्ड क्लास मीडिया सेंटर और सेन्ट्रल इंडिया प्रेस क्लब को बी-टाईप का शासकीय आवास देने के वायदे से मुख्यमंत्री जी अब कोसों दूर हैं। बता दें कि चौथी पारी के मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकारों के लिए अभी तक 100 मिनट का समय भी नहीं निकाला है, अलबत्ता समय-समय पर मीडिया फ्रेंडली होने का अहसास जरूर कराया है। हो सकता है कोविड के कारण उनकी व्यस्तता मीडिया से दूरी की वजह हो। क्योंकि शिवराज मीडिया से इतने निराश कभी नहीं रहे। परंतु सवाल उठने लगा है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की आवश्यकता मध्यप्रदेश की राजनेताओं को क्यों नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 15 महीनों की सरकार में 15 मिनट का समय नहीं निकाला और मंदबुद्धि के एक क्रोधित आईआईटीएन को पूरा जनसंपर्क आऊटसोर्स कर दिया। उनकी सत्ता चली गई तो लगा कि समावेशी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पत्रकारिता की चिंता जरूर करेंगे, लेकिन जो कमलनाथ ने रास्ता चुना वहीं रास्ता शिवराज की सरकार में बरकरार है, यह बात शिवराज को पता है या नहीं निश्चित रूप से चौंकाने वाला वाक्या है। हालांकि मध्यप्रदेश की पत्रकारिता जगत में शिवराज सिंह चौहान के प्रति सदाशयता और कृतज्ञता का भाव अभी कायम है। इसका उदाहरण पिछले दिनों मध्य-स्वदेश के एक आयोजन में देखने को भी मिला। इसलिए सेन्ट्रल इंडिया प्रेस क्लब के साथ राजधानी के लगभग डेढ़ सौ पत्रकारों की 2 जिज्ञासाएं हैं, जिसमें पहला यह है कि क्या जनसंपर्क विभाग को शिवराज जी की सरकार में भी आऊटसोर्स किया जाएगा और नौकरशाही के मुंह पर पट्टी बंधी रहेंगी तथा दूसरा सवाल है राजधानी भोपाल में 100 करोड़ का वल्र्ड क्लास मीडिया सेंटर स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री जी के मन में हिचकोले कब उठेंगे।…? उपरोक्त दोनों सवालों का जवाब संभवत: नए जनसंपर्क आयुक्त युवा आईएएस अधिकारी राघवेन्द्र सिंह को सेन्ट्रल इंडिया प्रेस क्लब तथा वरिष्ठ पत्रकारों के साथ बैठकर आज नहीं तो कल देना ही चाहिए। ….खबरची