बारिश हो या ओला शिवराज ने खजाना खोला


संडे डायरी
विजय कुमार दास
मो:-9617565371

संडे डायरी के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान पुत्र होने का अहसास कराने में तथा ओला वृष्टि से पीडि़त किसानों तथा बेमौसम बारिश से फसलों के नुकसान की चपेट में आए किसानों के लिए उदारता की सभी सीमाओं को लांघकर राजनीति का स्वस्थ प्रदर्शन किया है। बात तो तब पीडि़त किसानों के दिल को छू गया, जब किसानों के सामने मुख्यमंत्री ने यहां तक कह दिया कि यदि भारी बारिश से हुए नुकसान की वजह से यदि कोई किसान की बेटी का विवाह नहीं हो पाएगा तो शिवराज सरकार ऐसे परिवारों की बेटियों का विवाह भी करा कर देगी। उदारता एवं सहिष्णुता का मामला यही पर नहीं थमता मुख्यमंत्री ओला पीडि़त किसानों के खेतों में स्वयं जाकर कह आए यदि पीडि़त किसानों के परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में भी कोई अड़चन आएगी तो ‘मामा’ है तो चिंता की बात ही नहीं है। मामा बेटियों की शादी भी कराएंगे और भांजे-बेटों को उच्च शिक्षा की पढ़ाई भी पूरी कराएंगे। यूं कहा जाए कि मुख्यमंत्री ने बारिश हो या ओला किसानों के लिए सरकार का खजाना खोल दिया है, ऐसा कहा जाए तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। संडे डायरी में हम आज मुख्यमंत्री के ओलापीडि़त किसानों के बीच जाकर उनके साथ पल-पल सरकार ने जो वायदा किया है उसकी कुछ झलकियां प्रस्तुत कर रहे हैं जो निम्नानुसार है। बता दें गत दो-दिनों से मुख्यमंत्री किसानों की चिंता में ठीक से सोए नहीं है ऐसी खबर है, इसलिए उनके दौरों में किसानों के प्रति हम दर्दी का जिक्र करना इस संडे डायरी से जुड़ी स्वच्छ पत्रकारिता का आज प्रमुख अंश भी है। मुख्यमंत्री के दौरों ने जहां पर एक ओर वे ओलावृष्टि से प्रभावित बीमित फसल का 25 प्रतिशत बीमा कम्पनी एडवांस में भुगतान करने का फैसला लिया है वहीं दूसरी और शेष 75 प्रतिशत राशि सेटलमेंट होने के बाद बीमा कम्पनी द्वारा संबंधित कृषकों को भुगतान किया जाएगा। राहत राशि राज्य सरकार देगी। प्रधानमंत्री फसल बीमा और राहत राशि मिलाकर किसानों को उनकी फसल क्षति की भरपाई की जाएगी। कोई भी गरीब किसान राहत राशि से वंचित नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज राजगढ़ जिले के छायन ग्राम में ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त सरसों, गेहूँ, चना और मसूर की फसलों का जायजा लेने पहुँचे थे। उन्होंने कहा कि किसान भाई परेशान न हो, संकट के समय सरकार उनके साथ है और उन्हें इस संकट से भी निकालेगी। प्रभावित कृषकों की बेटियों का विवाह है, तो वह भी राज्य सरकार कराएगी। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा जिले की लटेरी तहसील के ग्राम उनारसी कलां में ओलावृष्टि से क्षतिग्रस्त हुई का फसलों को जायज़ा लेने के बाद किसानों को सम्बोधित कर रहे थे। श्री चौहान ने किसानों के धनिया,
गेहूँ, चना और सरसों के खेत में जाकर ओला से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया और किसानों को ढांढस बंधाया। इसके बाद वे फसलों का जायजा लेने आरोन, राघोगढ़ और चाचौड़ा में भी पहुंचे और इन क्षेत्रों में भी फसलों के नुकसान की भरपाई करने का आश्वासन किसानों को दिया।
बुर्जुग कृषक फूलबाई को लगाया गले
मुख्यमंत्री ने ग्राम छोटी राघोगढ़ में बुजुर्ग किसान श्रीमती फूलबाई के खेत में फसल का जायजा लेने पहुँचे। ओलावृष्टि से चने की फसल को हुए नुकसान की जानकारी देते हुए फूलबाई की आँखें नम हो गई। मुख्यमंत्री ने फूलबाई को गले लगाया और उसके आँसू पौछते हुए कहा कि चिंता ने करें आपका भाई नुकसान की पूरी भरपाई करवाएगा। उन्होंने श्रीमती फूलबाई को तत्काल 50 हज़ार रुपये की सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश जिला कलेक्टर को दिये। उल्लेखनीय है कि उनारसी कलां और छोटी राघोगढ़ सहित लटेरी तहसील के लगभग 18 गाँव में 1720 किसानों की करीब 2 हजार हेक्टेयर से अधिक चना, धनिया, सरसो और गेहूँ की फसल को नुकसान हुआ है। राजस्व अमले ने सर्वे कर 5 करोड़ 50 लाख रूपये की सहायता राशि पारित की है।
संडे डायरी के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।