मापदंड को दर किनार कर मन मर्जी से कर रहे निर्माण कार्य

सारनी,1८ फरवरी। प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यो में धांधली रुकने का नाम नहीं ले रही। ठेकेदार मापदंड को दर किनार कर मनमर्जी से कार्य संचालित करने से प्रधानमंत्री आवास योजना में पलीता लगा रहे हैं। नगरीय प्रशासन के प्रमुख सचिव विवेक अग्रवाल के कड़े निर्देश के बावजूद निर्माणाधीन कंपनी मनमर्जी से कार्य कर रही है।
इसको लेकर दर्जनों पार्षदों ने निर्माण कार्य में धांधली की लिखित शिकायत कलेक्टर सहित नगरीय प्रशासन विभाग को की है। हर रोज नई खामियां सामने आ रही है। जिसे पार्षदों के दल द्वारा बताया जा रहा है। फिर भी जिम्मेदार अधिकारी जांच करने कार्य स्थल पर नहीं पहुंच रहे। कॉलम और बीम के ज्वाइंट आपस में नहीं मिल रहे। दरारे दिखाई दे रही है। इतना ही नहीं। गुणवत्ताहीन रेत का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। सीमेंट, सरिया की गुणवत्ता एस्टीमेट से नहीं मिल रही। ब्लाक का भराव कहीं मिट्टी से तो कहीं राख से हो रहा है। यह सारी कमिया इजेज के इंजीनियर ने खुद देखी। प्रधानमंत्री आवास योजना का निरीक्षण करने पहुंचे थर्ड पार्टी के इंजीनियर ने रिजेक्ट छज्जे को तोडऩे के निर्देश दिए। पहले माले पर पहुंचे। यहां गुणवत्ताहीन बीम देखकर आश्चर्य में पड़ गए। पूछने पर पता चला कि इस बीम की दोबारा ढलाई की गई है। फिर भी गुणवत्ता में सुधार नहीं आया। करीब 8 ब्लाकों में निर्माणाधीन कंपनी द्वारा राख का भराव किया है। पार्षदों के दल द्वारा बीते दिनों विरोध करने पर इंजीनियरों ने कहा था कि यहां राख ज्यादा है। इसलिए इसका उपयोग कर रहे हैं। नपा उपाध्यक्ष समेत पार्षदों ने जब आज इसी बात को दोहराई की नए ब्लाक में मिट्टी का भराव क्यों कर रहे हैं तो यह सुनकर इजेस के भोपाल से पहुंचे इंजीनियर भी चौंक गए। उन्होंने साफ शब्दों में कहा राख के भराव स्थल का सीबीआर टेस्ट कराया जाए। 52 करोड़ 48 लाख 92 हजार की लागत से बन रहे 876 आवासों के निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने अधिकारियों का दल सारनी पहुंचने की खबर लगते ही नपा उपाध्यक्ष भीमबहादुर थापा, विनय मदने, रेवाशंकर मगरदे, अनिल वराठे, मुकेश सोनी समेत अन्य लोग पहुंचे थे। जिन्होंने निर्माण में धांधली पर आपत्ति दर्ज की। इस दौरान पार्षदों के दल के सामने सरिया की गुणवत्ता देख इजेस के इंजीनियर अपने मोबाइल में तस्वीर कैद करने से नहीं चुके।