इंदौर जिले में इस वर्ष 100 करोड़ राजस्व वसूली का अनुमान

भोपाल, 21 फरवरी। मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने आज इंदौर में राजस्व प्रकरणों के निराकरण की संभाग-स्तरीय समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि इंदौर संभाग में इस वर्ष अभी तक 80 करोड़ 71 लाख रुपये से अधिक की राजस्व बकाया वसूली हो चुकी है। इंदौर जिले में मार्च तक 100 करोड़ रुपये वसूली का लक्ष्य है।
मुख्य सचिव ने कहा कि इंदौर संभाग में राजस्व प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षित सुधार हुआ है, जो आगे भी जारी रहना चाहिये। उन्होंने मॉनीटरिंग सिस्टम और नवाचारों की प्रशंसा की। श्री सिंह ने कहा कि राजस्व प्रकरणों के निराकरण की नियमित समीक्षा की जायेगी। कार्यों के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होगी। आगामी बैठकों में एसडीएम स्तर तक के अधिकारी ही भाग लेंगे। तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर के कार्यों की समीक्षा संबंधित एसडीओ राजस्व द्वारा की जायेगी। श्री सिंह ने कहा कि राजस्व न्यायालय में निर्णय पारित होने पर तुरंत रिकार्ड दुरुस्त करें। रिकार्ड-रूम को साफ, सुरक्षित एवं व्यवस्थित रखें।
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में पटवारियों के 9,235 रिक्त पदों की पूर्ति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस भर्ती के बाद पटवारियों को गहन प्रशिक्षण देकर जिलों में पदस्थ किया जायेगा। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति की प्रक्रिया अगले एक माह में पूरी हो जायेगी। संभागायुक्त संजय दुबे ने बताया कि संभाग में 3 लाख 21 हजार 320 हितग्राहियों को आवासीय पट्टे और भू-अधिकार-पत्र आदि से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। सीमांकन के शत-प्रतिशत प्रकरणों में टीसीएम से सीमांकन किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि मॉनीटरिंग सिस्टम में अधीनस्थ न्यायालयों के निरीक्षण के लिये अलग-अलग दल बनाये गये हैं। दलों ने 296 न्यायालयों का निरीक्षण किया है। प्रवाचकों को प्रशिक्षित किया गया। सीमांकन के सर्वे के लिये हेल्प डेस्क बनाने से अच्छे परिणाम सामने आये हैं। प्रमुख सचिव राजस्व श्री हरिरंजन राव ने बताया कि भू-राजस्व संहिता, अन्य राजस्व कानून और नियमों में आवश्यक बदलाव किये जायेंगे। इसके लिये प्रारूप बनाया जा रहा है।
राजस्व विभाग का सुदृढ़ीकरण होगा और आवश्यकतानुसार नई तहसीलें गठित की जायेंगी। बैठक में जिला कलेक्टरों और राजस्व अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्र में किये जा रहे कार्यों, नवाचारों, चुनौतियों और समस्याओं की जानकारी दी। बैठक में प्रमुख राजस्व आयुक्त मनीष रस्तोगी, आयुक्त भू-अभिलेख एल. सेलवेन्द्रम सहित सभी जिलों के कलेक्टर तथा राजस्व अधिकारी मौजूद थे।