वीवीआईपी हेलीकाफ्टर अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में जुड़ा है ‘पेंडोरा पेपर्स’ मामले से कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ का नाम…

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास
मो:-9617565371
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए यह चौकाने वाली रिपोर्ट है, जिसमें ‘पेंडोरा पेपर्स’ से जुड़े अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकाफ्टर खरीदी घोटाले में लिप्त मुख्य आरोपी राजीव सक्सेना के बयान के बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ का नाम आ गया है। 11 अक्टूबर 2021 को दिल्ली से प्रकाशित राष्ट्रीय दैनिक इंडियन एक्सप्रेस की वरिष्ठ संवाददाता रितु सरीन द्वारा लिखित रिपोर्ट में स्पष्ट है कि वीवीआईपी हेलीकाफ्टर खरीदी के 3600 करोड़ के घोटले में सीबीआई और इडी की जांच में आरोपी राजीव सक्सेना ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ का केवल नाम ही नहीं लिया बल्कि सीबीआई को अपने द्वारा दर्ज कराये गये 1000 पृष्ठों के बयान में यह बताया है कि कैसे व्यक्ति और व्यवसाय घर पर कानून में खामिया और टैक्स हेवन के ढीले अधिकार क्षेत्र का उपयोग करके पहचान से बचने के लिए लिफाफे को आगे बढ़ा रहे हैं। शायद यही ‘पेंडोरा पेपर्स’ है जिसमें विवादास्पद अगस्ता वैस्टलैंड हैलीकाफ्टर सौदे में प्रमुख व्यक्तियों को उनके अपतटीय नेटवर्क और कथित धन प्रवाह के कारण ऑफ सोर्स खातों का खुलासा हुआ है। उक्त अखबार ने दो वर्ष पहले आईसीआईजे के 680 पत्रकारों द्वारा इन्वेस्टीगेटिव जर्नलिजम से जब दुनियाभर के 35 वल्र्ड लीडर एवं 100 से ज्यादा अरबपतियों के (OFF SHORE) अपतटीय खातों का पता लगाया जा रहा था तब भारत का यह पहला अखबार था जिन्होंने उक्त मुहिम में हिस्सा लिया था। इसी अखबार से यह संकेत भी मिले कि लगभग 380 से भी अधिक भारतीयों के नाम ‘पेंडोरा पेपर्स’ में आये है। यह लिखना गलत नही होगा कि (ICIJ) एक UNBAISED स्वतंत्र विश्व स्तरीय GLOBAL NETWORK है जिसके साथ अन्र्तराष्ट्रीय स्तर के मीडिया संगठन 100 से अधिक देशों में फैले हैं। एक मीडिया संस्थान होने के नाते हमारी जिम्मेदारी है कि हम मध्यप्रदेश विधानसभा के सभी 230 सदस्यों तक यह जानकारी पहुंचाने की कोशिश करें और (ICIJ) की FINDINGS का समर्थन करते हुए राष्ट्रीय हिन्दी मेल के माध्यम से बताया जाये कि वीवीआईपी अगस्ता वैस्टलैड हेलीकाफ्टर खरीदी के 3600 करोड़ के घोटले में मुख्य आरोपी ने सीबीआई या इडी को अपने बयान में कहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ का उस अपतटीय कंपनी के खाते से लिंक है जिस कंपनी को वह सीधे या अपरोक्ष रूप से प्रबंध करता है। जानकारों के अनुसार भले ही यह ‘पेंडोरा पेपर्स’ लीक राजनीतिक हो सकता है जिसकी वजह से केनिया व श्रीलंका में चुनाव प्रभावित हुए होंगे, परन्तु उक्त अखबार की रिपोर्ट और दावे को खारिज यह कह कर नहीं किया जा सकता क्योंकि उक्त आरोपों की जांच के लिए पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने बेटे बकुलनाथ की तथाकथित संलिप्तता की जांच कराने की बजाये हेलीकाफ्टर घोटाले के मुख्य आरोपी राजीव सक्सेना पर ही दावा ठोक दिया है। वैसे तो आयकर, सीबीआई सब केन्द्र के विषय है परन्तु सवाल क्या यह उठता है कि जिस मामले में मध्यप्रदेश विश्वस्तर पर बदनाम हो सकता है उसकी जांच के लिए मध्यप्रदेश सरकार को अपनी तरफ से सूमोटो जांच करनी चाहिये अथवा नहीं। राष्ट्रीय हिन्दी मेल अपने लोकप्रिय पाठकों के साथ मध्यप्रदेश सरकार को यह जताने की कोशिश कर रहा है कि ‘पेंडोरा पेपर्स’ लीक से यह तो स्पष्ट हो गया है कि दुनिया में इस सिस्टम के कारण अमीर एवं गरीब में सामाजिक तथा आर्थिक खाई पनप चुकी है जिसे पाटने की शुरूआत के लिए मध्यप्रदेश सरकार को आगे आना चाहिये। हालांकि 2016 में जब से ‘पेंडोरा पेपर्स’ लीक हुए है, तब से दुनिया में कई देशों ने कुछ नाम चीन अरबपतियों द्वारा चतुराई से टैक्स बचाकर काले धन की प्रवाह को अंजाम दिया है, उसे रोकने के लिए कदम उठाने का प्रयास किया गया। परन्तु हम भारत के लोग पिछड़ गये है और जब बात मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के अप्रवासी बेटे बकुलनाथ से जुड़ गया है तब तो यह राज्य सरकार के लिए चुनौती है कि इंडियन एक्सप्रेस के खुलासे की जांच के लिए केन्द्र का सहयोग करने का साहस करे। यह बात अलग है कि सरकार कैसा सहयोग करती है और विधानसभा के सभी 230 विद्वान सदस्यों के लिए इस मुद्दे को लेकर ‘मैराथन’ यदि नहीं किया गया तो बड़े-बड़े बिजनेस मेन अपने आपको दिवालिया घोषित करते जाते रहेंगे और देश को अपनी पहचान छुपाकर अरबों-खरबों के अपतटीय खातों में काला धन पहुंचाकर भारत सरकार का जितना वित्तीय बजट है उतना टैक्स बचा ले तो आश्चर्य की बात नहीं होगी। और फिर होगा यह, ऐसे टेक्स चोर गलत तरीकों से कमाये गये अरबों डालर सुरक्षित रख लेंगे, अरबों का इंकम भी छुपायेंगे, टेक्स बचायेंगे आप कुछ नहीं कर पायेंगे और ये सब बड़े रसूख वाले लोग अकूत सपंत्तियों को विदेशों में जमा पूंजी की तरह स्थापित करेंगे। और तो और ऐसे अपतटीय खातों से जुड़े लोगों को उधारी भी नहीं पटानी पड़ेगी, सीधा सरल अपराध होगा वे अपने आपको भारत में दिवालिया घोषित कर देंगे और विदेशों में मजे लुटते रहेंगे। ऐसे लोगों द्वारा अपराधिक गतिविधियों का भी वित्तीय संरक्षण किया जाये तो चौकियेगा मत…।
कांग्रेस के दिग्गज नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के एनआरआई बेटे बकुलनाथ से लेकर मामले के आरोपी राजीव सक्सेना तक, ये रिकॉर्ड भ्रष्टाचार घोटाले में नए सबूत पेश करते हैं, जिसमें सीबीआई और ईडी ने कई आरोप पत्र दाखिल किए हैं। बकुल नाथ फिलहाल जमानत पर चल रहे राजीव सक्सेना की पूछताछ रिपोर्ट में उनका नाम आया है, केस रिकॉर्ड से पता चलता है कि सक्सेना ने दिल्ली के वकील गौतम खेतान की कथित मिलीभगत से अगस्ता वेस्टलैंड से इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज के खाते में 12.40 मिलियन यूरो प्राप्त किए। अन्य बिचौलियों और लोक सेवकों को भुगतान करने के लिए कथित तौर पर इसे और आगे बढ़ाया गया था। 2000 तक, सक्सेना ने इंटरस्टेलर टेक्नोलॉजीज के 99.9 प्रतिशत शेयरों पर कब्जा कर लिया था। अपनी पूछताछ के दौरान (नवम्बर 2020 में द इंडियन एक्सप्रेस में रिपोर्ट किया गया), सक्सेना ने कहा: ‘हमें (वह और सह-आरोपी सुशेन मोहन गुप्ता) ने प्रिस्टिन रिवर इन्वेस्टमेंट्स के माध्यम से ब्रिज फंडिंग प्राप्त की, जो कि कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ के लिए जॉन डोचेर्टी द्वारा प्रबंधित एक कंपनी है।

विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र समूह के प्रधान संपादक हैं।