किसान को भी नहर का पानी मिले: कमल पटेल

‘‘तवा महोत्सव’’ मनाया गया, मूंग की फसल के लिए तवा डेम से छोड़ा गया पानी
भोपाल, 23 मार्च।
किसान-कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने कहा है कि प्रदेश में हर किसान को सिंचाई के लिये पानी उपलब्ध कराया जायेगा। नहर के पानी का सिंचाई के लिये लाभ अंतिम छोर के किसान को भी उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने तवा डेम के पानी को नहर में समारोह पूर्वक छोड़े जाने के लिये आयोजित तवा महोत्सव में अधिकारियों को निर्देश दिये। जल-संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था में किसानों का महत्वपूर्ण योगदान है। नर्मदापुरम के तवा नगर में आज आयोजित तवा महोत्सव में तवा डेम की बांई तट नहर से ग्रीष्मकालीन मूंग की फसल की सिंचाई के लिये पानी छोड़ा गया। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा कि कोरोना काल में मूंग की फसल के लिए तवा नहर से पानी छोडऩे से किसानों को करोड़ों रुपए का लाभ हुआ था। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में जब पूरे देश में लॉक डाउन था, ऐसे में तवा नहर से पानी मिलने से किसानों को खेतों में काम करने का अवसर मिला। साथ ही मजदूरों को भी खेतों में रोजगार मिला। कृषि मंत्री पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में खेती को लाभ का धंधा बनाने का जो संकल्प लिया है, उस दिशा में सरकार नित नए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि चना, मूंग एवं गेहूँ का समर्थन मूल्य बढऩे से बाजार में इनके मूल्य में वृद्धि हुई है, जिससे किसानों को आर्थिक लाभ हुआ है। उन्होंने जल-संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि टेल एंड तक नहर का पानी पहुँचाना सुनिश्चित किया जाये, जिससे अंतिम छोर के किसान को भी नहर का पानी मिले। केसला विकासखंड के सभी किसानों को तवा नहर का पानी सिंचाई के लिये उपलब्ध करायें। जल-संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश का चहुँमुखी विकास हो रहा है। चौहान ने प्रदेश के 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। इसे शीघ्र ही पूरा किया जाएगा। मध्यप्रदेश की अर्थ-व्यवस्था कृषि आधारित है। किसानों का प्रदेश की अर्थ-व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है। हरदा एवं नर्मदापुरम जिले के कुल 80 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में तवा नहर से मूंग की फसल में सिंचाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नहरों के आसपास अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की जाए तथा नहरों के आसपास पौधरोपण किया जाए। तवा महोत्सव में नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, सोहागपुर विधायक श्री विजय पाल सिंह, सिवनी मालवा विधायक प्रेम शंकर वर्मा, टिमरनी विधायक संजय शाह,अमर सिंह मीणा, संतोष पारिख के साथ हरदा एवं नर्मदापुरम जिले के किसान बड़ी संख्या में मौजूद थे।

कृषि मंत्री ने चयनित अधिकारियों को दी बधाई

भोपाल। किसान-कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने चयनित कृषि अधिकारियों को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा है कि मैदानी अमले में वृद्धि किसान के आर्थिक सशक्तिकरण में सहायक होगी। संचालक कृषि श्रीमती प्रीति मैथिल नायक के मार्गदर्शन में 772 चयनित अधिकारियों के अभिलेख सत्यापन का कार्य 23 मार्च से प्रारंभ हुआ है। सत्यापन का कार्य आगामी 28 मार्च तक चलेगा। सत्यापन के बाद विभाग में शीघ्र ही नियुक्ति प्रदान की जायेगी। मंत्री पटेल ने कहा है कि विभाग में भर्ती से कृषि स्नातक युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। साथ ही कृषि विकास को और अधिक उन्नत करने तथा किसानों की आमदनी को दोगुना करने में भी मदद मिलेगी। इससे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश के सपने को साकार करने में भी गति मिलेगी। संचालक कृषि ने बताया है कि विभाग द्वारा 705 ग्रामीण कृषि विकास अधिकारियों और 67 वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों की भर्ती की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केन्द्र में अभिलेख सत्यापन के प्रथम दिवस बुधवार को 200 नव-नियुक्त अधिकारियों को आमंत्रित किया गया था। सत्यापन की प्रक्रिया 28 मार्च तक चलेगी। इस संबंध में सभी को अवगत करा दिया गया है। अभिलेखों का सत्यापन के लिए अधिकारियों के 5 दल बनाये गए हैं। सत्यापन में सहूलियत के लिए अलग अलग चरणों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से एंट्री की जा रही है। वेटिंग में बैठने पर पहले चरण की एंट्री। दूसरे चरण में कैंपस में प्रवेश। तीसरे चरण में बायो मैट्रिक टेस्ट और सत्यापन कक्ष में प्रवेश। चौथे चरण में सत्यापन पूर्ण होने की एंट्री की जा रही है।