कर्मचारियों की मिलीभगत से अस्पताल में हो रहीं बाइक चोरी, पीडि़त ने लगाया आरोप

थाने गए तो पुलिसवाले भी पार्किंग संचालक की जुबान बोल रहे थे
भोपाल।
हमीदिया अस्पताल की मल्टी लेवल पार्किंग में यदि आप बाइक खड़ी कर रहे हैं तो यह न समझें कि आपकी गाड़ी सुरक्षित है। पार्किंग से बाइक पार्क करने की पर्ची लेने के बाद भी आपकी बाइक चोरी हो सकती है। ऐसा ही वाकिया सांची के नजदीक रतनपुर के रहने वाले लखन सिंह दांगी और मलखान मीणा के साथ घटित हुआ है। बीते 23 मार्च को लखन सिंह मलखान मीणा के साथ हमीदिया अस्पताल गए थे।
यहां सुबह करीब 11.30 बजे मल्टी लेवल पार्किंग में बाइक पार्क करने के बाद उन्होंने कर्मचारियों से पर्ची ली और अस्पताल में इलाज कराने चले गए। शाम करीब चार बजे वापस पहुंचे तो पार्किंग में बाइक नहीं मिली। मलखान सिंह मीणा ने बताया कि जब हमने बाइक के बारे में पूछा तो कर्मचारी गोलमोल जवाब देते दिखे। हम जब नाराज हुए और हमने सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग दिखाने को कहा तो पता चला कि पार्किंग के अंदर लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद हैं। हमें सिर्फ बाहर की रिकॉर्डिंग दिखी जिसमें एक युवक बाइक ले जाते हुए दिखा।
हमने पार्किंग कर्मचारियों से पूछा कि बिना पर्ची के गाड़ी कैसे बाहर चली गई। इसके बाद कर्मचारी हमारे ऊपर रिपोर्ट न लिखाने का दबाव बनाने लगे। मलखान ने आरोप लगाया कि पार्किंग कर्मचारियों की मिली भगत से बाइक चोरी हो रहीं हैं। मलखान मीणा ने आरोप लगाया कि पार्किंग संचालक

पार्किंग की पर्ची पर लिख रहे अधूरा नंबर
हमीदिया अस्पताल की मल्टीलेवल पार्किंग के कर्मचारी वाहनों का अधूरा नंबर पर्ची पर लिखकर देते हैं। ऐसे में बाइक चोरी होने पर पार्किंग संचालक और कर्मचारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती। इधर हमीदिया अस्पताल प्रबंधन भी ऐसे मामलों में कार्रवाई नहीं कर रहा है। मल्टीलेवल पार्किंग के अंदरुनी हिस्से में कई सीसीटीवी कैमरे बंद पड़े हुए हैं।
पार्किंग संचालक का बेतुका जवाब
हमीदिया अस्पताल की पार्किंग के ठेकेदार नरेन्द्र गोस्वामी से जब की गई तो उसका जवाब था कि में देहरादून में हूं गलती से गाड़ी कोई दूसरा व्यक्ति ले गया है। की लापरवाही से गाड़ी चोरी होने के मामले की रिपोर्ट लिखाने जब हम थाने पहुंचे तो पुलिस वाले भी कहने लगे कि तुम्हारी गाड़ी पुरानी थी दस हजार रूपए दिला देते हैं रिपोर्ट मत लिखाओ मामले को यहीं रफा-दफा कर दो।