रामनवमी में 5 लाख दियों से जगमगायेगा चित्रकूट कलेक्टर ने लिया रघुवीर मंदिर में ‘गौरव दिवस’ का संकल्प

मध्यप्रदेश में जन भागीदारी से भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के अवसर पर हर्षोल्लास से भरा जश्न मनाये जाने वाला पहला धार्मिक नगर सतना जिले का चित्रकूट बनने जा रहा है। जिले के कलेक्टर अनुराग वर्मा ने सतना में अपने प्रशासनिक अमले के साथ यह संकल्प लिया है कि ‘रामनवमी’ के अवसर पर चित्रकूट को 5 लाख दीपक से जगमगाया जायेगा और शासन पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा। उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर से लेकर पूरे उज्जैनी क्षेत्र को इसी तरह वहां के कलेक्टर आशिष कुमार सिंह की मेहनत और संस्कृति विभाग के सहयोग से यहा शिवरात्रि के पर्व में 51 लाख दीपक से सजाया गया था, जहां संस्कृति विभाग की मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने बढ़चढ़ कर स्वयं भागीदारी की थी। परन्तु सतना जिले के चित्रकूट में ऐसा नहीं है। यहां पर गौरव दिवस तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रदेश में धार्मिक स्थलों को पवित्र रखने, जन आस्था के सैलाब को शिवराज सरकार की नीतियों के साथ जोडऩ के अद्भुद नजारे के साथ प्रस्तुत किया जाने वाला है। राज्य सरकार के उस संकल्प में जहां प्रदेश के प्रत्येक नगरीय निकाय और ग्राम पंचायतों में वर्ष का एक दिन चुनकर उसे गौरव दिवस के रूप में मनाया जायेगा, सतना जिले की पवित्र और धार्मिक नगरी चित्रकूट का भी गौरव दिवस रामनवमी के अवसर पर इसी श्रृंखला का बड़ा हिस्सा है। गौरव दिवस के अवसर पर पूरे चित्रकूट नगर के प्रमुख स्थानों पर अब साढ़े 5 लाख से भी अधिक दीपक जलाकर पूरे चित्रकूट को दुल्हन की तरह सजाया जायेगा। चित्रकूट के गौरव दिवस मनाने के संबंध में कलेक्टर अनुराग वर्मा ने लगातार चित्रकूट के रघुवीर मंदिर में स्थानीय प्रतिनिधियों, साधु-संत और स्वयं सेवी संस्थाओं, संबंधित अधिकारियों की बैठक लेकर गौरव दिवस के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की। इन मौको पर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह सीईओ जिला पंचायत डॉ. परीक्षित राव, एसडीएम पीएस त्रिपाठी, मदनदास महाराज, रामहृदय दास संतोषी अखाड़ा, अनुसुइया आश्रम के महंत, डीआरआई के संगठन सचिव अभय महाजन, सद्गुरु संघ से डॉ. इलेश जैन सहित चित्रकूट में कार्यरत विविध स्वयंसेवी संस्थानों के प्रतिनिधि एवं महंत, साधु-संत उपस्थित होते रहे हैं। सूत्रों के अनुसार कलेक्टर वर्मा ने सबसे हाथ जोड़-जोड़ कर कहा है कि चित्रकूट नगर का धार्मिक नगरी होने का पूरे विश्व में विशेष महत्व है। वे कहते हैं यहां भगवान श्रीराम वनवास के दौरान रूके थे, यह संदर्भ वे सबको बता रहे है। रामनवमी के दिन सभी चित्रकूटवासी अपने-अपने क्षेत्र में दीपक जलाकर अपने नगर का गौरव दिवस मनाये। बताया जाता है कि बैठकों में सर्वसम्मति से तय किया गया कि रामनवमी को चित्रकूट का गौरव दिवस बड़े ही धूमधाम से जनभागीदारी से मनाया जाएगा। गौरव दिवस पर चित्रकूट के प्रमुख स्थानों पर दीपक जलाकर पूरे चित्रकूट को जगमगाया जाएगा। रामनवमी के अवसर पर साढ़े 5 लाख से अधिक दीपक जलाए जाएंगे। जिनमें मां मंदाकिनी के घाटों पर ढ़ाई लाख दीपक, कामदगिरि परिक्रमा में 2 लाख दीपक, हनुमान धारा में 21 हजार, अनुसुइया आश्रम में 21 हजार, गुप्त गोदावरी में 11 हजार दीपक जलाए जाएंगे। चित्रकूट में गौरव दिवस को लेकर प्रस्तुत इस विशेष रिपोर्ट का लब्बोलुआब यह है कि जनभागीदारी से होने वाले इस महान दीपोत्सव में संत, महात्मा और विश्वविद्यालय, स्वयंसेवी संस्थानों ने बढ़-चढक़र हिस्सेदारी निभाने की जिद्द कर रहे है। इनमें सद्गुरु संघ ट्रस्ट एक लाख, डीआरआई और ग्रामोदय विश्वविद्यालय 50-50 हजार, तुलसी शोध संस्थान 50 हजार, हनुमान धारा मंदिर और गायत्री शक्तिपीठ द्वारा 25-25 हजार, कामतानाथ प्रमुख द्वार 21 हजार, प्राचीन मुखारविंद 11 हजार और रावतपुरा सरकार संस्थान ने 21 हजार दीपक जलाने की बात कही। इस बैठक में इनके अलावा रामायणी कुटी आश्रम मे 21 हजार, दास हनुमान मे 11 हजार, नेपाली आश्रम मे 11 हजार, और स्फटिक शिला, पंजाबी भगवान, संतोषी अखाड़ा, निरमोही अखाड़ा, माधवदास, पंच मुखी हनुमान आदि आश्रम और मंदिरों मे 5-5 हजार दीप जलाने के संकल्प से चित्रकूट में गौरव दिवस मध्यप्रदेश में ‘राम’ की आस्था के कीर्तिमान को एक अभिनव एवं अनुपम अंदाज में स्पंदन पहुंचायेगा इसमें संदेह नहीं है।