शिवराज ने बना ली कमलनाथ से दूरी…

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस बात को महसूस कर लिया है कि पार्टी के भीतर विधायकों में गुस्सा इस बात को लेकर है कि मध्यप्रदेश की सरकार में आज भी पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की दखलअंदाजी है। सूत्रों के अनुसार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कृषि मंत्री कमल पटेल और चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग सब के सब कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को लेकर हमेशा आक्रोशित भाषा में बात करते हैं, और कहते है कि कमलनाथ की सरकार में बड़े-बड़े घोटाले हुए। ये चारों नेता कभी-कभी इतने गुस्से में कमलनाथ के खिलाफ बात करते है कि जैसे उनके पास राजनीति में कमलनाथ को टारगेट करने के अलावा कोई विषय ही नहीं है, लेकिन कमलनाथ सरकार के भ्रष्टाचार की जांच को गति नहीं मिलने से ये सभी नेता पर्दे के पीछे यह कहने लगे थे कि कमलनाथ और शिवराज सिंह चौहान की केमिस्ट्री को कोई बदल नहीं सकता। सूत्रों के अनुसार पता चला है कि कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में जल संसाधन विभाग में हुए टेंडर घोटालों की जांच के आदेश मुख्यमंत्री चौहान ने दे दिया है और मुख्यमंत्री के आदेश के बाद बताया जा रहा हैं कि शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ से दूर रहने का फैसला कर लिया है। यह तो आने वाला भविष्य तय करेगा कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की बढ़ती हुई दूरी का भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में क्या असर होगा, लेकिन यह बात तय है कि यदि कमलनाथ सरकार के कार्यकाल में जितने भी घोटाले हुए है, उनकी जांच शिवराज सरकार गंभीरता से कराती है तो दोनों नेताओं में दूरिया बढ़ेगी इसमें संदेह नहीं है… खबरची…