गुलाम नबी , विवेक तन्खा प्रियंका गांधी राज्यसभा में जायेंगे

सोनिया गांधी ने जी-23 को तोड़ लिया

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास
मो. 9617565371
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने अंतत: कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं को तितर-बितर करने में कामयाबी हासिल कर ली है। उल्लेखनीय है कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद ने ‘सेव-द-आइडिया ऑफ इंडिया’ मुहिम लांच करने के लिए 23 कांग्रेस के नेताओं को जम्मू में आमंत्रित किया था, जिसे कांग्रेस ने गांधी परिवार के विरोधी त्र-23 का ढ़ांचा करार कर दिया था अब उसी ढ़ांचे को समझा जाता है कि श्रीमती सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तीनों ने मिलकर अपने केवल एक तीर गुलामनबी आजाद को साधकर ध्वस्त कर दिया है। बता दें कि आगामी जून माह में राज्यसभा के लिए राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश से चुनाव कराये जाने है। सूत्रों के अनुसार राज्यसभा में लंबी पारी खेलने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री गुलामनबी आजाद अब मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए चुने जायेंगे, जबकि मध्यप्रदेश के विद्वान अधिवक्ता और मध्यप्रदेश से ही राज्यसभा के सदस्य विवेक तन्खा को छत्तीसगढ़ से दोबारा राज्यसभा में भेजे जाने की खबर पर पंख लग चुके है। और तो और अब कांग्रेस संगठन में सीधे तौर पर कमान सम्भालने के लिए श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा को राजस्थान से कांग्रेस ने राज्यसभा में लाने का फैसला किया है। यह भी बात तय है कि उपरोक्त तीनों बड़े नेताओं की राज्यसभा में उपस्थिति अब नाम मात्र के लिए नहीं होगी, संगठन में अमूल-चूल परिवर्तन के निर्णय भी राज्यसभा चुनाव के पहले हो जाये तो चौंकिएगा मत। रहा सवाल मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और उनकी पार्टी के अंदर उपयोगिता यह फैसला कमलनाथ की मनमर्जी से होगा इसमें संदेश नहीं है। हालांकि विवेक तन्खा मध्यप्रदेश से राज्यसभा में बने रहने का अनुरोध श्रीमती गांधी से करते हुए वे कह सकते है कि गुलामनबी आजाद को यदि छत्तीसगढ़ भेजा जाए तो मध्यप्रदेश में जिन मुद्दों को लेकर उन्होंने मिशन चलाया है वह नहीं रूकेगा।
विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र
समूह के प्रधान संपादक हैं।