भाई-बहन में हो गई संधि…

मध्यप्रदेश में शराब बंदी को लेकर पिछले कई महीनों से पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती भंयकर गुस्से में थी और उनका गुस्सा सार्वजनिक रूप से तब सामने आया जब उन्होंने एक शराब दुकान पर घुसकर शराब बंद को लेकर पथराव भी किया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान उमा भारती के उग्ररूप को देखते हुए यह कहने से नहीं चूके कि इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लेकिन उमा भारती का गुस्सा जब सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने संकल्प लिया कि आगामी 11 अप्रैल को शिव मंदिर में महाअभिषेक के साथ तर्पण करेंगी और शराब बंदी को लेकर अपनी मुहिम को जारी रखेंगी। समझा जाता है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साध्वी उमा भारती के शराब बंदी को लेकर किये जा रहे आक्रोशित व्यवहार को बदलने का सद्भावना से निर्णय ले लिया है और उमा भारती को यह समझाने की कोशिश की है कि शराब बंदी की बजाय लोगों में शराब पीने की लत को कम किया जा सकता है, लेकिन वित्तीय संकट से जूझ रहे प्रदेश में आबकारी राजस्व को रोका नहीं जा सकता। सूत्रों के अनुसार उमा भारती ने यह कहकर कि शिवराज तो मेरे भाई है, उनकी सलाह महत्वपूर्ण भी है, अपना गुस्सा समाप्त करने का मन बना लिया है। जानकारों का कहना है कि भाई-बहन में अब संधि का दौर प्रारंभ हो गया है, जिसका फायदा भाजपा आने वाले अपने सभी चुनावों में उठा सकती है। … खबरची