मध्यप्रदेश कॉडर के तीन वरिष्ठ आय.ए.एस. अधिकारियों का कमाल

मप्र में मेडिकल डिवाईस पार्क, बल्क ड्रक पार्क-टेक्सटाईल पार्क बनेगा

दिल्ली से लौटकर विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास मो. 9617565371

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘वीटो’ जारी कर दिया है कि केन्द्र सरकार में पदस्थ मध्यप्रदेश कॉडर के आय.ए.एस. अधिकारियों को भी मध्यप्रदेश के सम्र्पूण विकास में रूचि लेनी होगी और यह रूचि अब उन्हीं परियोजनाओं एवं केंद्रीय सहायता पर निर्भर योजनाओं के लिए होगी जिससे मध्यप्रदेश में समुचित विकास के ‘रोडमेप’ 2024 को सार्थक बनाया जायेगा।
मुख्यमंत्री के ‘वीटो’ के बाद मुख्य सचिव इकबाल सिंह ने भी थोड़ी रुचि दिखाई है और प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला ने प्रस्तावों को लेकर सारे रिकार्ड तोड़ दिये है। परिणाम स्वरूप सबसे पहले रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में पदस्थ 1987 बैंच के वरिष्ठ आय.ए.एस. अधिकारी राजेश चतुर्वेदी द्वारा राज्य में डीएपी की आपूर्ति का संतोषजनक काम पूरा हो गया है, जिसमें प्रदेश के किसानों को थोड़ी राहत मिली। वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश की आद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख संजय कुमार शुक्ला द्वारा भेजा गया ‘मेडिकल डिवाईस पार्क एवं बल्क ड्रग पार्क’ का प्रस्ताव केंद्र सरकार में मध्यप्रदेश के आवासीय आयुक्त पंकज राग तथा अतिरिक्त आयुक्त प्रकाश उन्हाले की टीम द्वारा इतनी तेज गति से दौड़ गया कि रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय में पदस्थ राजेश चतुर्वेदी ने उसे तत्काल स्वीकृति प्रदान कर दी है। एक मिली जानकारी के अनुसार 10 फरवरी 2022 को केंद्र सरकार ने विक्रम उद्योगपुरी लिमिटेड उज्जैन में मेडिकल डिवाईस पार्क बनाने की स्वीकृति जारी कर दी है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश के बाद तुरंत ही राज्यांश की 30 प्रतिशत राशि 37 करोड़ जमा भी करवा दी गई है, और केंद्र सरकार द्वारा भी 30 करोड़ की राशि विमुक्त कर दी गई है।
मेडिकल डिवाईस पार्क की भूमिका क्या होगी इस प्रश्न का उत्तर हैं, मध्यप्रदेश पहला राज्य होगा जहां अब मेडिकल उपकरणों का निर्माण होगा, लगभग 20,000 लोगों को रोजगार भी मिलेगा और यह देश में अपनी तरह का पहला उपक्रम होगा जिसे केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा पोषित किया जायेगा। ठीक इसी तरह बल्क ड्रक पार्क की भी स्वीकृति प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला एवं आवासीय आयुक्त पंकज राग की पहल पर होने जा रही है और तो और केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा ‘प्रधानमंत्री मेगा इंटिग्रेटेड टेक्सटाईल रिजन्स तथा ‘अपैरल पार्कस योजना’ अंतर्गत मध्यप्रदेश से भेजे गये प्रस्ताव पर ‘चैलेन्ज मैट्रिक्स’ पद्धति जारी कर दी गई है।
समझा जाता है कि प्रमुख सचिव संजय कुमार शुक्ला द्वारा वस्त्र मंत्रालय को टेक्सटाईल पार्क हेतु भेजे गये 4 जिलों रतलाम, देवास, धार एवं कटनी में से कम से कम दो जिलों में टेक्सटाईल पार्क की स्वीकृति भी शीघ्र प्राप्त हो जायेगी। उपरोक्त विशेष रिपोर्ट का लब्बोलुब्बाव यह है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश कॉडर के सभी नौकरशाहों को प्यार से समझा दिया है यदि दिल्ली में रहना हो तो मध्यप्रदेश के लिए काम करो वरना मध्यप्रदेश वापस बुलाने के अधिकार को भी राज्य सरकार उपयोग में ला सकती है। इसलिए जो परिणाम दिखने लगे हैं उसे मध्यप्रदेश से असहज होकर दिल्ली गए नौकरशाहों के जागरूक हो जाने का असर है ऐसा माना जाए तो आश्चर्य नहीं होगा।
विशेष रिपोर्ट के लेखक इस पत्र
समूह के प्रधान संपादक हैं।