मतलब कमलनाथ अब हनुमान जी के भरोसे ही करेंगे राजनीति…

आज मध्यप्रदेश में हनुमान जयंती हर्षोल्लास से सभी बड़े-बड़े शहरों से लेकर गांव-गांव तक मनाया गया। हनुमान जयंती के इस उत्सव को ‘भाजपा’ द्वारा बढ़-चढ़ कर मनाये जाने का मूलभूत कारण यह है कि वे ‘रामभक्त’ हैं इसीलिए हनुमान जी उनके अराध्य हो चुके हैं, जो स्वाभाविक हैं। भाजपा गली-गली में हनुमान जयंती मनाने वालों के साथ खड़े होकर उनका उत्साह बढ़ायेगी, क्योंकि उन्हें तो 100 जन्मों तक ‘जयश्रीराम’ के नारों के साथ राजनीति करनी ही पड़ेगी। परंतु पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ‘जय श्री राम’ या जय हनुमान जी जपें, केसरिया चोला पहने और हनुमान जी की पूजा का वीडियो जारी करके जनता से अपने हिन्दू होने के भाव को उजागर करें,तो इसे देखकर कोई भी कहेगा कि कमलनाथ जी की राजनीति अब हनुमान जी के भरोसे रह गई है। एक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा ‘हनुमान जी’ से प्रार्थना है कि वे कमलनाथ जी की मदद करें, उन्हें मध्यप्रदेश का फिर से मुख्यमंत्री बनाए, परंतु उक्त नेता ने कहा कि यदि कमलनाथ जी भाजपा पर धर्म के आड़ में राजनीति का आरोप लगाते हैं तो उन्हें भी धर्म के नाम पर अपने आपको हिन्दूवादी नेता कहलाने के छद्म प्रयासों से बचना चाहिए। कमरे के भीतर वाले हनुमान जी को ही वे पूंजते रहे तो बेहतर होगा वर्ना… खबरची…