जो जमीनी स्तर पर मेहनत करेगा उसी को मिलेगा टिकट: राव

भोपाल। मध्यप्रदेश बीजेपी के प्रदेश प्रभारी मुरलीधर राव ने आगामी चुनाव में टिकट वितरण का क्राइटेरिया घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की नहीं, कार्यकर्ताओं की पार्टी है। अब जो कारपेट बिछाएगा, वही नेता बनेगा। जो पोस्टर चिपकाएगा, घर-घर संपर्क करेगा, उसी को टिकट मिलेगा। भाजपा में गड़बड़शाही-और राजशाही नहीं सिर्फ सेवाशाही चलेगी। इसके साथ ही बीजेपी के दिग्गज नेताओं को सामने चुनौती खड़ी कर दी है। राव रविवार को राजगढ़ विधानसभा त्रिदेव कार्यकर्ता बैठक में शामिल होने राजगढ़ पहुंचे थे। प्रदेश प्रभारी राव ने कहा कि राजगढ़ का सीट उसे मिलेगा, जो खाना परोसने में, सेवा करने में, घर-घर जाने में आगे रहेगा। जिसका यह बार-बार ऐसा करते हुए फोटो मिलेगा, उसे टिकट नहीं मिलेगा, तो मैं जिम्मेदारी लेता हूं। अभी यहां से चले जाओ, डाउट नहीं करना। सेवा करने वाले काम में लग जाओ, तो अपने आप दिल्ली की लाइन में निकल जाओगे। यही कहने के लिए मैं यहां आया हूं।
कांग्रेस को भारत माता बोलना सीखना होगा: राव ने इस दौरान कांग्रेस पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि हम जो करना चाहते हैं, वो उसकी नकल करना चाहते हैं। इससे अच्छा क्या हो सकता है। हम तो चाहते हैं कि वो सीखे और उसे बूथ समिति तक ही नहीं सीखना चाहिए। उसे भारत माता की जय, बोलना भी सीखना चाहिए। हमें कांग्रेस को सिखाने तो आए हैं। राव ने कहा कि कांग्रेस को सावधान कर रहा हूं कि हम भारत माता की जय करवाने तक नहीं छोड़ेंगे।
कांग्रेस को संग्रहालय में जाना है: राव ने कहा कि भाजपा और उससे पहले जनसंघ 1951 में जब बना था। आप जानते हैं कि क्या कांग्रेस था और क्या जन संघ था। जनसंघ में सब बच्चे थे। ऐसे लोगों को लेकर श्यामप्रसाद मुखर्जी ने जब पार्टी बनाई, तो प्रधानमंत्री बनेंगे समझकर नहीं बनाया। अब 2022 में जब राजगढ़ में बैठे हैं, तो यह मामला, उल्टा हो गया है। अब भाजपा दुनिया की नंबर वन पार्टी है। अब कांग्रेस के नेताओं को बता रहा हूं कि कांग्रेस को भी संग्रहालय में जाना है।

वोट प्रतिशत बढ़ाने के लिए भाजपा संगठन की कवायद

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी ने दस प्रतिशत वोट बढ़ाने का लक्ष्य पूरा करने के लिए भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) एवं महिला मोर्चा को इंटरनेट मीडिया पर सक्रिय रहने की जिम्मेदारी सौंपी है। दोनों संगठनों को जून माह के अंत तक मतदान केंद्र स्तर तक टीमें गठित करना है और इंटरनेट मीडिया सहित अन्य माध्यमों पर सक्रियता बढ़ानी है। उनसे कहा गया है कि मतदाताओं से सतत संवाद शुरू करें। ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव 2018 में पार्टी को 41 प्रतिशत वोट मिले थे, जिसे 51 प्रतिशत करने का लक्ष्य है। प्रदेश में सवा साल बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। इसकी तैयारी को लेकर भाजपा में बैठकों का दौर शुरू हो गया है। पार्टी ने शनिवार को मोर्चा और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। जिसमें जिला और मंडल स्तर तक संगठन खड़ा नहीं कर पाने को लेकर वरिष्ठ नेताओं ने नाराजगी जताई। इसके बाद खासकर महिलाओं और युवाओं को साधने की कवायद शुरू की जा रही है। दोनों संगठनों को मंडल और बूथ स्तर तक सभी इकाइयों का गठन करने को कहा गया है।