42 लाख से अधिक लाड़ली लक्ष्मियों के कारण आज मेरा मुख्यमंत्री बनना हो गया सफल: शिवराज

विशेष रिपोर्ट: राष्ट्रीय हिन्दी मेल टीम

लाड़ली लक्ष्मियों के लिए अच्छा कार्य करने वाली ग्राम पंचायत घोषित होगी लाड़ली लक्ष्मी पंचायत, मेडिकल, आईआईटी, आईआईएम या कोई भी संस्थान में प्रवेश की पूरी फीस सरकार भरेगी
मुख्यमंत्री की लाड़ली लक्ष्मियों से अपील, माता-पिता का हमेशा करें सम्मान
12 वीं पास करने के बाद कॉलेज में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को दिए जाएंगे 25 हजार रूपये
हर साल 2 मई से 12 मई तक मनाया जाएगा लाड़ली लक्ष्मी उत्सव
भोपाल, 8 मई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बेटियों के चेहरों पर मुस्कान आती है तो मेरी जिंदगी सफल हो जाती है। आज मेरी जिंदगी सफल हो गई और मुख्यमंत्री बनना सार्थक हो गया। प्रदेश में आज 42 लाख 14 हज़ार लाड़ली लक्ष्मी बेटियाँ हो गई हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने बेटियों से माता-पिता की हमेशा इज्जत और सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि माँ को कभी भूलना नहीं। माँ से ही हमारा अस्तित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लाड़ली लक्ष्मी योजना का चमत्कार है कि प्रदेश में बेटियों का लिंगानुपात बढक़र 956 हो गया है। मुख्यमंत्री चौहान भोपाल के लाल परेड मैदान पर लाड़ली लक्ष्मी उत्सव के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 का शुभारंभ किया। राज्य स्तरीय लाड़ली लक्ष्मी उत्सव में खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर मौजूद थीं। सांसद वी. डी. शर्मा, विदिशा से कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि डॉक्टर बनने में प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में 7-8 लाख रूपए फीस लगती है। मेडिकल, आईआईटी, आईआईएम या किसी भी संस्थान में प्रवेश लेने पर लाड़ली लक्ष्मी की पूरी फीस राज्य सरकार भरेगी। कक्षा 12 वीं पास कर कॉलेज में प्रवेश लेने वाली लाड़ली लक्ष्मियों को 25 हजार रूपए दो किस्तों में अलग से दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री चौहान ने बच्चियों से फीस की चिंता न कर पढ़ाई की चिंता करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मेरी लाड़लियों की आँखों में कभी आँसू न आएँ यही मेरी कामना है। हर साल 2 मई से 12 मई तक लाड़ली लक्ष्मी उत्सव मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि व्यक्ति जैसा सोचना है वैसा बन जाता है। बेटियाँ उच्च शिक्षा प्राप्त कर माता-पिता, देश और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमने लाड़ली ई-संवाद एप बनाया है, जिससे जरूरत पडऩे पर बेटियाँ मुझसे सीधे संवाद कर सकें। यह लाड़ली बेटियों की जिंदगी बदलने का प्रयास है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि जिस पंचायत में लाड़लियों का सम्मान होगा, जहाँ एक भी बाल विवाह नहीं होगा, शाला में लाड़लियों का शत-प्रतिशत प्रवेश होगा, कोई लाड़ली कुपोषित नहीं होगी और कोई भी बालिका अपराध घटित नहीं होगा, ऐसी ग्राम पंचायतों को लाड़ली लक्ष्मी पंचायत घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमारा देश आगे बढ़ रहा है। हमारा प्रदेश आगे बढ़े, मेरी लाड़लियाँ आगे बढ़ें। प्रदेश की लाड़ली लक्ष्मियों से कहना चाहता हूँ कि चिंता मत करना, मामा तुम्हारे साथ है।
मुख्यमंत्री चौहान ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम के शुभारंभ में कन्याओं का पूजन और दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में लगभग 7,500 लाड़ली लक्ष्मी बेटियाँ उपस्थित थी। सभी जिले, विकासखंड, ग्राम पंचायत और नगरीय निकायों से भी लाड़ली लक्ष्मियाँ और जन-प्रतिनिधि वर्चुअली जुड़े। मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम में मंच पर पहुँचने से पहले लाड़ली लक्ष्मियों से मिले और पुष्प वर्षा कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री चौहान ने लाड़ली ई-सवांद एप का लोकार्पण भी किया। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित लाड़ली पुस्तिका एवं लाड़ली लक्ष्मी योजना के ब्रोशर का विमोचन किया। जनसंपर्क विभाग द्वारा तैयार लाड़ली लक्ष्मी योजना पर केन्द्रित लघु फिल्म की प्रस्तुति हुई। कार्यक्रम में सर्वप्रथम लाड़ली लक्ष्मी बालिका ने स्वागत उदबोधन दिया। अपर मुख्य सचिव महिला एवं बाल विकास अशोक कुमार शाह ने कार्यक्रम की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री चौहान ने तीन लाड़ली बालिकाओं को प्रतीकात्मक रूप से लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस वितरित किए। उन्होंने लाड़ली गीत का विमोचन भी किया। तीन लाड़ली लक्ष्मियों को विशेष उपलब्धि के लिये पुरस्कार वितरित किए। मुख्यमंत्री चौहान और लाड़ली लक्ष्मियों ने रंगबिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े।