डाउन-टू-अर्थ एक महिला गर्वनर….


मध्यप्रदेश में जन्मी एक आरआई की बेटी कितनी जिद्दी है इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते है कि उन्होंने अपने छात्र जीवन में उन चुनावों को लड़ा, जिसमें उनको पता था कि वे हार जायेंगी। लेकिन छात्र जीवन में चुनाव हारने की ललक ने उन्हें जिन्दगी के हर जंग को जीतने लायक बना दिया। बता दें कि छत्तीसगढ़ राज्य की राज्यपाल अनसुईय्या उइके उन महिला राजनितिज्ञों में से पहली महिला है जिसने जीवन को परिश्रम और लक्ष्य प्राप्ति की पराकाष्ठा पर जाकर जिया है। बताया जाता है कि कांग्रेस में पहली बार विधायक बनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की सरकार में मंत्री होते हुए भी कोई गरूर न तब पाला था और ना ही गर्वनर बनने के बाद आज उन्हें सत्ता के शिखर का अभिमान है। यूं कहा जाय कि यदि गरीबों के हक और महिलाओं के सुरक्षा को लेकर जिद्दी राज्यपाल हैं अनसुईय्या उइके तो किसी को आश्चर्य नहीं होना चाहिए। अनसुईय्या उइके आज के युवा महिलाओं के लिए केवल छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि पूरे देश में प्रेरणा के स्त्रोत के रूप में स्थापित हो गई है ऐसा मान लिया जाए तो अतिश्योक्ति नहीं। वर्तमान में उनकी खासियत, जिस राज्य की वे राज्यपाल है उस राज्य में आदिवासियों के हक की चिंता उनकी प्राथमिकताओं में इसलिए नंबर-1 पर क्योंकि डाउन-टू-अर्थ अनसुईय्या उइके का लक्ष्य आज भी गरीबों के प्रति वर्क-ही-वर्शिप है, इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें आगे बढ़ा दिया। खबरची…