डाउन-टू-अर्थ झारखंड के राज्यपाल…

अविभाजित मध्यप्रदेश के रायपुर में जन्में झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस ने सीढ़ी दर सीढ़ी का राजनैतिक सफर अजात शत्रु की तरह तय किया है। एक साधारण भाजपा के कार्यकर्ता के रूप में श्री बैस ने अपने राजनैतिक जीवन में कोई चुनाव हारा ही नहीं। विधायक के रूप में छत्तीसगढ़ से शुरू हुआ झारखंड के राज्यपाल का यह सफर डाउन-टू-अर्थ है यह लिखते हुए छत्तीसगढ़ के सभी बुद्धिजीवियों ने गर्व की अनुभूति को रह रहकर आज तक महसूस कर रहे है। बता दें कि सात बार लोकसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले रमेश बैस के सामने छत्तीसगढ़ के बड़े-बड़े दिग्गज धराशायी हो गए और श्री बैस आज तक थके नहीं, वे जहां भी रहते है अपने छत्तीसगढिय़ों की चिंता मेें मग्र रहते हैं। वर्तमान में महामहिम रमेश बैस सहाब झारखंड के राज्यपाल हैं, और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों का बिना कोई पल गंवाए तुरंत पालन करवाते है। श्री बैस के बारे में कहा जाता है कि साधारण कार्यकर्ता से असाधारण व्यक्तित्व के धनी रमेश बैस छत्तीसगढ़ भाजपा के सबसे बड़े एवं कद्दावर नेता है और उन नेताओं में से नम्बर वन है जो राज्यपाल के पद को जनसेवा का सशक्त माध्यम मानते है वर्ना राज्यपाल बनने की बजाय नेता मंत्री बनना ज्यादा पसंद करते। लेकिन डाउन-टू-अर्थ श्री रमेश बैस छत्तीसगढ़ के बिरले राजनेता है जिन्हें मीडिया जगत में ‘छत्तीसगढिय़ा- सबले बढिय़ा’ कहा जाता है…. खबरची…