शिवराज-कमलनाथ, केजरीवाल से डरिए मत, लेकिन ‘आम आदमी’ को सम्हालिए जरूर…

कड़वी खबर: विजय कुमार दास मो. 9617565371
मध्यप्रदेश में 2023 के विधानसभा चुनाव को अपने पक्ष में करने के लिए अभी से भारतीय जनता पार्टी के पोस्टर बॉय मुख्यमंत्री मामा शिवराज सिंह चौहान तथा कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री बुर्जुग नेता कमलनाथ ने ऐड़ी चोटी का जोर लगाना शुरू कर दिया है। जहां तक सवाल है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का तो उन्हें एहसास हो गया है कि अब भारतीय जनता पार्टी में उनका कोई विकल्प नहीं है। इसलिए 2023 के चुनाव को लेकर शिवराज की तैयारी और भारतीय जनता पार्टी के चुनावी रणनीतिकारों ने शाम, दाम, दंड, भेद फार्मूले के आधार पर 2023 विधानसभा कुरूक्षेत्र में संग्राम जीतने के लिए योजना तैयार कर ली है। जबकि दूसरी और कांग्रेस के कमलनाथ अकेले ही 2023 में कांग्रेस की सरकार बनाने का केवल दावा ही नहीं कर रहे हैं, बल्कि यूं कहा जाये कि कमलनाथ ने पार्टी सुप्रीमों सोनिया गाँधी से यह कह दिया हो कि 2023 में कांग्रेस की सरकार बनाने की ज्मिेदारी मेरी है, और मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री भी मैं ही बनूंगा और इस बात पर श्रीमती गाँधी ने सहमति दे दी हो तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। पंरतु दूसरी ओर मध्यप्रदेश की राजनीति में एक नए मोड की तैयारी में दिल्ली के मुख्यमंत्री आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविन्द केजरीवाल ने भी उपरोक्त दोनों दलों को मध्यप्रदेश में डराने के लिए खाका तैयार कर लिया है। आम आदमी पार्टी मुख्यालय के सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पंजाब के मुख्यमंत्री भगवन्त मान तथा दिल्ली के उप- मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया तथा सांसद संजय सिंह को लेकर तीन महीने तक लगातार नवरात्रि के बाद मध्यप्रदेश का हर संभाग स्तर पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भरने के लिए सभाएं करने वाले है। राष्ट्रीय हिन्दी में के इस प्रतिधिनि ने जो जानकारी दिल्ली में आज जुटाई है उसके अनुसार आम आदमी पार्टी के सभी नेता यह मानते है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का मध्यप्रदेश में एक ऐसा ब्रांड इमेज है, जिसे रातोंरात समाप्त नहीं किया जा सकता। लेकिन भाजपा के मतदाताओं को 4 मुद्दों पर जिसमें मुफ्त शिक्षा, मुफ्त बिजली, मुफ्त इलाज और मुफ्त स्वच्छ पीने के पानी को लेकर बंटा जा सकता है और तो और कमलनाथ सरकार में हुए भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रहार की रणनीति भी बनाई है। आम आदमी पार्टी का यह कहना है कि कमलनाथ सरकार के भ्रष्टाचार को लेकर उनके पास रिकार्ड दस्तावेज उपलब्ध है जिससे वे कांग्रेस को भी कमजोर करेंगे। और यह डर आम जनता में यदि बैठ जायेगा तो आम आदमी पार्टी का आधार मध्यप्रदेश में भी तैयार हो जायेगा। लेकिन इस रणनीति को लागू करने के पहले बताया जाता है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक सूक्ष्म सर्वे मध्यप्रदेश में मतदाताओं का करा लिया है, जिसके अनुसार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता प्रदेश में मात्र 38 प्रतिशत है और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की लोकप्रियता 32 प्रतिशत रह गई है। अर्थात आम आदमी पार्टी के लिए 30 प्रतिशत मतदाताओं को प्रभावित करने का स्कोप तैयार हो गया है। राष्ट्रीय हिन्दी मेल की इस कड़वी खबर का लब्बोलुआब यह है कि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने अलग-अलग सुनियोजित कूटनीति के आधार पर घेरने का और उन्हें चुनाव में हार का डर पैदा करने के लिए विंध्यप्रदेश से सिंगरौली जिले में आगाज करने का फैसला कर लिया है। इसलिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ दोनों के लिए यह लिखा जाना गलत नहीं होगा कि आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल से डरिए मत लेकिन आप के कान इस बात के लिए खड़े हो जाने चाहिए कि मध्यप्रदेश की आठ करोड़ आम जनता आपसेक्या चाहती है, आम आदमी की जरूरतेंक्या है और मीडिया आपसे नाराज क्यों है? इसलिए इन सब मुद्दों को लेकर सम्हलने की जरूरत है ….।