जय प्रकाश अग्रवाल के आते ही बुजुर्ग कांग्रेसियों की लॉटरी खुल जायेगी

विशेष रिपोर्ट: विजय कुमार दास मो. 9617565371
भारतीय राष्ट्रीय कॉंग्रेस के नेता राहुल गाँधी भारत जोड़ो यात्रा पर निकल चुके है, लेकिन निकलने के पहले उन्होंने सभी राज्यों को यह संदेश दे दिया है कि कांगे्रस के नेता अपने-अपने राज्यों में उन परंपरागत कांगे्रसियों को भी जोड़े जिन्होंने कांग्रेस का इतिहास रचा है। राहुल गाँधी के इस निर्देश का आशय यह है कि कांग्रेस के पुराने और बुजुर्ग नेता जिनके अनुभवों से पार्टी मजबूत होती है वे सबके सब उपेक्षित हो चुके है और ऐसे बुजुर्ग नेताओं को लगता है कि कांग्रेस में अब उनकी कोई जरूरत नहीं है, इसलिए वे घर बैठने को मजबूर है और मायूस भी है, ऐसे बुजुर्ग नेताओं को मनाया जाये। इस बात को भारतीय जनता पार्टी के जितने नेता राहुल गाँधी को पप्पू कहकर उपहास का पात्र बनाते है, उन्हें राहुल गाँधी ने सबक सिखाने के लिए यह तय किया है कि अब कांग्रेस का नया जीवन युवाओं को ही आगे लेकर तो जिया जा सकता है। लेकिन सफलता के लिए परंपरागत कांग्रेसियों के घर जाकर उन्हें जोडऩा होगा तभी भारत जोड़ों यात्रा का मतलब सार्थक होगा। इसी श्रंृखला में मध्यप्रदेश कांग्रेस काकायाकल्प करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस के महासचिव संसदीय अनुभवों के श्रेष्ठ नेता दिल्ली में कांग्रेस की आधारभूत संरचना को आकार देने वाले जयप्रकाश अग्रवाल को प्रभारी बना दिया गया है। सूत्रों की माने तो आज जयप्रकाश अग्रवाल मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी बनने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस सुप्रीमो श्रीमती सोनिया गाँधी के निर्देश पर और कांग्रेस महासचिव वेणु गोपाल के आदेश पर भोपाल आयेंगे। समझा जाता है कि जयप्रकाश अग्रवाल सबसे पहले कांग्रेस के वरीष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी और पूर्व राज्यपाल अजीज कुरैशी के निवास पर जाकर सौजन्य भेंट करेंगे। और सोनिया गाँधी के निर्देश का हवाला देकर परंमपरागत पुराने कांग्रेसियों को उनके घरों में जाकर मनाने की योजना से उन्हें अवगत करायेंगे। सूत्रों के अनुसार जयप्रकाश अग्रवाल को श्रीमती सोनिया गाँधी ने यह टॉस्क दिया है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में किसी भी कीमत पर मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सāाा लौटनी चाहिए। और इस टॉस्क को पूरा करने के लिए जितनी भी चुनौतियां सामने आ रही है उनसे निपटने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मैदानी स्तर पर रिचार्ज किया जाये और उनसे कहा जायें कि राहुल गाँधी के भारत जोड़ो यात्रा में कांग्रेस कार्यकर्ता बढ़चढ़ कर हिस्सा लें। यह तो वक्त ही बतायेगा कि जयप्रकाश अग्रवाल पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ अपना समन्वय किस तरह बिठा पाते हैं? लेकिन यह बात सच है कि पूर्व प्रभारी दीपक बाबरिया की तुलना में श्रीमती सोनिया गाँधी ने जयप्रकाश अग्रवाल के बहाने निश्चित रूप से कांग्रेस के बुजुर्ग नेताओं में उ्मीदों का पहाड़ खड़ा कर दिया है। यूं कहा जाये कि कांगे्रस के बुजुर्ग नेता अब यह मानकर चल रहे है कि 30 साल बाद ही सही घर बैठे पुराने कांग्रेसियों की लॉटरी तो खुल गई….?