आवासों के पुर्नविकास में जुटे भरत यादव

बड़ी खबर: राष्ट्रीय हिन्दी मेल टीम
मध्यप्रदेश में लोग कहते हैं कि जिद्दी नौकरशाहों में काम करने की ललक कम होती है लेकिन इस मिथक को तोडऩे वाले युवा नौकरशाह मध्यप्रदेश गृहनिर्माण मंडल के आयुक्त तथा नगरीय प्रशासन विभाग के आयुक्त पद की दोहरी जवाबदारी स्हालने वाले आईएएस अधिकारी भरत यादव ने मध्यप्रदेश में आवासों के पुर्नविकास नीति का प्रारूप ही तैयार नहीं किया है बल्कि पुर्नविकास नीति 2022 के अनुरूप कार्य भी प्रारंभ कर दिया है। राष्ट्रीय हिन्दी मेल को मिली एक जानकारी के अनुसार राज्य के शहरी क्षेत्रों में जन-निजी भागीदारी पद्धति अर्थात पीपीपी मोड के माध्यम से सार्वजनिक तथा निजी आवासीय योजनाओं के पुनर्विकास की नीति 2022 बनाई जा चुकी है। सूत्रों के अनुसार विद्यमान आवास का उन्नयन करना, संरचनात्मक सुरक्षित भवन तथा बेहतर प्रतिवेश प्रदान करते हुए विद्यमान रहवासियों के साथ- साथ नवीन रहवासियों के रहन-सहन के स्तर में सुधार लाना तथा उपलब्ध भूमि और अधोसंरचना का सर्वोत्तम उपयोग उपरोक्त नीति की प्रमुख अवधारणा है। मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल में पुर्नघनत्विकरण का रिकार्ड स्थापित करने के बाद नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त भरत यादव ने उपरोक्त नीति के तहत हितग्राहियों के लिए बिना किसी शुल्क के जीर्ण-शीर्ण भवनों का निर्माण करने का भी रिकार्ड बनाने का फैसला किया है। समझा जाता है कि पुर्नविकास नीति में सार्वजनिक आवासीय योजना एवं निजी आवासीय योजना के तहत जन-निजी भागीदारी पद्यति में पुर्नविकास प्रस्तावित है जिसमें पीपीपी मोड पर विकासकर्ता का चयन होगा एवं रहवासी कल्याण संघ द्वारा निजी आवासीय योजना को स्व-पुर्नविकास नीति के अंतर्गत पूरा किया जायेगा। इस नीति में राज्य के सभी शहर और ऐसी योजनाऐ जिनका 30 वर्ष से जीवन काल अधिक हो चुका हो और उसे जीर्ण-शीर्ण घोषित किया जा चुका हो शामिल रहेंगे। मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अद्योसंरचना विकास मंडल जैसी सरकारी संस्थाऐं उपरोक्त नीति की क्रियांवयन एजेंसियों के रूप में काम करेंगी राष्ट्रीय हिन्दी मेल की टीम ने उपरोक्त पुर्नविकास नीति की सतही जानकारी के अनुसार यह सुधि पाठकों को सूचित करने में को हिचक नहीं है कि पुर्नविकास नीति यदि 100 प्रतिशत पूरे राज्य में लागु हो जायेगी तो मध्यप्रदेश किसी मुंबई किसी दिल्ली या किसी चैन्नई की विकास तुलना में 19 नहीं 20 होगा और जब प्रस्तावित योजना में लाभार्थियों को मिलने वाले छूट का अंदाज लगेगा तो यह मान लेने मे कोई हर्ज नहीं है कि पुर्नविकास नीति से मध्यप्रदेश का कायापलट हो जायेगा तो चौंकाने वाली कोई घटना नहीं होगी।