राष्ट्रीय एकता के प्रतीक अटल प्रदर्शनी में लगे खादी मेले की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित…

ग्वालियर से खास-खबर संदीप नेपोलियन
मध्यप्रदेश में कोरोना काल के दो वर्ष बीतने के बाद पहली बार ग्वालियर शहर में पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से फूलबाग मैदान 2 में अटल जी की कविताओं की प्रदर्शनी तथा अलग-अलग 16 राज्यों से आये खादी के उत्पादों का अद्भुत मेला लगा हुआ है। इसका उद्घाटन कल केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के जनसंपर्क अधिकारी एवं वरिष्ठ पत्रकार डॉ. केशव पाण्डे ने किया। इस खादी मेले में पहले ही दिन से सैकड़ों की तादाद में ग्वालियर के नागरिक परिवार सहित मेले का लुफ्त उठा रहे है। यह बताना आवश्यक है कि इस मेले का आयोजन अटल ज्योति सांस्कृतिक मंच के उन युवा आयोजकों ने आयोजित किया है, जिनका अटल प्रेम भी अटल है। इन युवाओं ने खादी मेला में स्वच्छता, और ऐश्वर्य का आसमान तो छूआ ही है, लेकिन साथ में अलग-अलग राज्यों से अलग-अलग भाषाओं के अलग-अलग खादी के उत्पादों को मिला कर राष्ट्रीय एकता का अद्भुत मिशाल भी कायम की है, लेकिन अटल ज्योति सांस्कृतिक मंच के इस प्रयास को कांग्रेस के कुछ नेताओं द्वारा असफल करने की कोशिशे की जा रही है और कहा जा रहा है कि यह मेला बिना अनुमति के लगाया गया है। जबकि ‘राष्ट्रीय हिन्दी मेलÓ के इस प्रतिनिधि ने जिला कलेक्टर कौश्लेन्द्र विक्रम और नगर निगम आयुक्त किशोर कान्याल से मेले के बारे में जानकारी प्राप्त की तो कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त दोनों ने एक स्वर में कहा कि अटल ज्योति सांस्कृतिक मंच को फूलबाग में खादी मेला और अटल जी की प्रदर्शनी लगाने के लिए बकायदा अनुमति दी गई है। उपरोक्त दोनों युवा आईएएस अधिकारियों ने स्पष्ट किया की कोई भी व्यक्ति यदि व्यवधान डालने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही भी की जायेगी। कलेक्टर कौश्लेन्द्र विक्रम ने उपरोक्त खादी मेला में बढ़ती हुई भीड़ को देखते हुए कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था का पुख्ता इंतजाम किया जायेगा और पब्लिक डिमांड पर मेले की अवधि में वृद्धि भी की जा सकेगी। “राष्ट्रीय हिन्दी मेल” के इस प्रतिनिधि ने खादी मेले में अलग-अलग राज्यों से आये लगभग 56 प्रबंधकों से वन टू वन बातचीत की, लोगों ने कहा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन की व्यवस्था से सब व्यापारी संतुष्ट है और अब वे ग्वालियर में सर्दी के प्रत्येक सीजन में मेला लगाने जरूर आयेंगे।