भोपाल की स्ट्रीट लाईट जल गई भूपेन्द्र सिंह जी लेकिन उसका क्या होगा जिसने एक हफ्ते तक जलने नहीं दी..

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने नगर पालिक निगम भोपाल की स्ट्रीट लाईट एक हफ्ते से इसलिए काट रखी थी क्योंकि नगर पालिक निगम ने विद्युत वितरण कंपनी को 12 करोड़ रुपए का भुगतान नहीं किया था। भोपाल जिला कलेक्टर अविनाश लवानिया एवं नगर निगम आयुक्त भोपाल के.वी.एस. चौधरी कोलसानी ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आला अधिकारियों से कहा था कि दोनों शासकीय संस्थाऐं है। भोपाल की स्ट्रीट लाईट मत काटो भाई, लेकिन महाप्रबंधक अमृत पाल सिंह और प्रबंध संचालक गणेश शंकर मिश्रा ने एक नहीं सुनी। सात दिन तक राजधानी की कई सड़के अंधेरे में डूबी रही, गनिमत कोई दुर्घटना नहीं हुई और अर्कमण्यता का लेबल इतना भयंकर है कि एमडी साहब को सरकार की बदनामी से कोई लेना देना नहीं है, उन्होंने तो साफ कह दिया था, जब तक 12 करोड़ नहीं आए तब तक बिजली चालू मत करना। ले दे कर बैचारे नगर निगम आयुक्त ने 2 करोड रुपए जमा भी किए थे फिर भी राजधानी की बāाी गुल। आज अच्छी खबर यह है कि जिले के प्रभारी मंत्री, भूपेन्द्र सिंह ने मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को समझा दिया है कि अर्कमण्यता से बाज आओ, भोपाल की स्ट्रीट लाईट जलाओं और दुबारा इस घटना की पुर्नरावृāिा नहीं होना चाहिए। प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा बिजली कंपनी एवं नगरीय प्रशासन विभाग के आला अधिकारियों के साथ हुई बैठक का असर यह है कि भोपाल की स्ट्रीट लाईट जगमगाने लगी, लेकिन गांव वाले पुछ रहे है कि हमारी कब आयेगी….। खबरची