दो राजनेता सर्वशक्तिमान, ईमानदार फिर भी जेल गये समधी

मध्यप्रदेश में राजनीति का शिखर छूने के बावजूद दो राजनेता ऐसे हैं, जो इओडब्ल्यू के छापे की कार्यवाही के बाद अपनी ईमानदारी के चलते जेल जाने से अपने रिश्तेदार समधी को नहीं बचा पाये। वाक्या है उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत विन्धप्रदेश में संचालित एक महाविद्यालय में पदस्थ प्राचार्य के खिलाफ खरीदी को लेकर जब गंभीर शिकायतें आई थी, तब तत्कालीन प्रमुख सचिव के निर्देश पर इओडब्ल्यू ने बड़ी कार्रवाई की। और इस कार्रवाई में 17 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश किया, जो महाविद्यालय के लिए खरीदी से संबंधित था। सूत्रों के अनुसार जिला एवं सत्र न्यायालय में जब इओडब्ल्यू द्वारा चालान प्रस्तुत किया गया तब बताते है कि न्यायालय ने दस्तावेजों एवं सबूतों के आधार पर उपरोक्त प्राचार्य के खिलाफ 1270 पेज का फैसला सुना दिया। फैसला सुनाना तो स्मानीय न्यायालय का न्यायायिक दृष्टिकोण था इसलिए गंभीर आरोप में उपरोक्त प्रार्चाय को जेल जाने तक की सजा हो गई और वे आज भी जेल में है। उल्लेखनीय है कि उपरोक्त वाक्या उच्च शिक्षा विभाग में प्रमुख सचिव रहे अनुपम राजन के निर्देश को लेकर तथा सर्वशक्तिमान दो नेता विधानसभा के अध्यक्ष कॉमरेड ईमानदार गिरिश गौतम एवं मैहर के वरिष्ठ विधायक नारायण त्रिपाठी को लेकर नहीं लिखा गया है…। खबरची