प्रमुख सचिव को केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जमकर हड़काया…

वाक्या है दो दिन पहले भोपाल में केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रवीन्द्र भवन में मध्यप्रदेश की विभिन्न योजनाओं को लेकर पड़ताल कर रही थी और केन्द्रीय सहायता से प्राप्त होने वाले मदों में वित्तीय हस्तांतरण को लेकर विभागवार जानकारी ले रही थी। इसी दरमियान केन्द्रीय विशेष सहायता पर लंबित मांगों पर चर्चा करते हुए ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने केन्द्रीय वित्त मंत्री से कहा कि हमारी देनदारी ज्यादा है, उन्होंने जोड़ा कि एक साल में पुरानी सारी देनदारी को खत्म करने की शर्त हम पूरी नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा था कि, यदि हम शर्त पूरी करते भी है तो राज्य सरकार पर भार आ जाएगा। संजय दुबे की इस बात को सुनते हुए केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भड़क गयी और उन्होंने कहा कि जिस विशेष सहायता की आप बात कर रहे है वह स्किम एक साल की नहीं चार साल की है, उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि, अजीब बात है आप अपने मुख्यमंत्री को सही बात भी नहीं बताते। मतलब अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को यह समझना होगा कि, ज्यादा सर्ट बनने वाले नौकरशाह मुख्यमंत्री की नाक को कब और किस जगह नीची कर जाए, यह घोर आश्चर्य का विषय है। रवीन्द्र भवन कुछ बुद्धिजीवियों और नौकरशाहों ने भी आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि, जिस बिजली विभाग के रहमों करम पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार को 2023 में पाँचवीं बार सत्ता में लौटना है, वहा ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव के कारण मुख्यमंत्री को केन्द्रीय वित्त मंत्री के सामने असहज होना पड़ा। इस घटना को संज्ञान में लेकर यदि निर्णय नहीं लिया गया और बिजली विभाग की नाराजगी की वजह से मुख्यमंत्री को बेवजह नुकसान उठाना पड़े, तो चौंकिएगा मत….। खबरची